साध्वी पूनम ने संकीर्तन के द्वारा प्रभु नाम की गंगा बहाई।
BOL PANIPAT : 12 फरवरी, श्री प्रेम मन्दिर पानीपत का 103वां वार्षिक प्रेम सम्मेलन परम पूजय श्री श्री 108 श्री मदन मोहन जी हरमिलापी महाराज परमाध्यक्ष श्री हरमिलाप मिशन हरिद्वार की अध्यक्षता में एवं श्री प्रेम मन्दिर पानीपत की परमाध्यक्षा परम पूज्या श्री श्री108 श्री कान्ता देवी जी महाराज के सान्निध्य में सायंकाल के दूसरे सत्र मंे मंच पर संतों के दर्शन पाकर उपस्थित धर्मप्रेमी भाव विभोर हुए। सत्र के प्रारंभ में साध्वी पूनम जी ने संकीर्तन के द्वारा प्रभु नाम की गंगा बहाई। परम पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी विवेकानंद जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज महामण्डलेश्वर स्वामी गोपाल दास जी महाराज परम पूज्या बहन गीता देवी जी महाराज पधारे। सभी संतों ने सतगुरू महिमा पर अपने पावन प्रवचन किए। सदगुरू देव हमारी वृत्ति को बदलते हैं। प्रभु से प्रेम में प्राप्त होने वाले आनन्द की महिमा पर प्रकाश डाला। गुरूदेव इस श्रेष्ठ मनुष्य चोले को कैसे सफल करना है इस का मार्ग सुलभ कराते हैं। पैसा, रिश्ते या परिवार अस्थाई साथ देते हैं। स्वयं को जीवन के सभी स्तरों पर सुन्दर कैसे रखें, पुरूष से पुरूषोत्तम कैसे बनें यही हमारी अलौकिक यात्रा का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह सब तभी संभव है जब हम सदगुरूदेव के चरण शरण प्राप्त करेंगे। सत्संग कितना श्रवण करते हैं यह महत्त्वपूर्ण नहीं है, परन्त उस सत्संग को हम जीवन में कितना आचरण करते हैं। परम पूज्या कान्ता देवी जी परमाध्यक्षा श्री प्रेम मन्दिर पानीपत ने आए हुए सभी संतों का हार्दिक अभिनन्दन किया।
आज के आयोजन में लुधियाना फरीदाबाद से आए हुए सेवकों ने भाग लिया। आज कृष्ण राजपाल, मोहन लाल, दयानन्द अग्घी, गुलशन नारंग, संजय बहल, वेद शर्मा, योगराज, गजेन्द्र सलूजा, टेकचन्द बजाज, सुरेश दुर्गा, संजय नन्दवानी आदि ने उपस्थित होकर सेवा व सत्संग से जीवन को सफल बनाया।

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