बाल श्रम रोकने के लिए पैंसिल पोर्टल जारी: उपायुक्त
बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सहभागी बने आमजन: उपायुक्त
BOL PANIPAT , 21 फरवरी। उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि बाल श्रम एक कानूनी अपराध है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से बाल श्रम को रोकने के लिए पोर्टल शुरु किया गया है। उन्होंने आमजन से आह्ïवान किया है कि वे ऐसे बच्चे को जो बाल श्रम की दलदल में फसें हुए हैं उनकी जानकारी श्रम विभाग के पैंसिल पोर्टल, पुलिस थाने पर चाईल्ड टोल फ्री हैल्पलाईन 1098 पर दें।
उपायुक्त ने कहा कि आपकी थोड़ी सी सर्तकता ऐसे बच्चों के बिगड़ते भविष्य को सुधार सकती है और इन बच्चों की भविष्य में उजाला ला सकती है। उन्होंने आमजन से आह्ïवान किया कि कोई भी व्यक्ति कहीं भी बाल श्रमिकों को कार्य करते देखे तो उसकी सूचना तुरन्त पोर्टल अथवा चाईल्ड टोल फ्री नम्बर पर दें और उन बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम मानव अधिकार का खुला उल्लंघन है। यह बच्चों के मानसिक, शारिरिक, आत्मिक, सामाजिक तथा भौतिक हितों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम निषेध एवं नियंत्रण अधिनियम 1986 के तहत बाल मजदूरी करवाना एवं कानूनी अपराध है। उन्होंने अभिभावकों से आह्ïवान किया कि वे अपने बच्चों को बाल श्रम के दलदल में ना धकेंले बल्कि उन्हें भी पढऩे लिखने के अवसर प्रदान करते हुए उन्हें देश का अच्छा नागरिक बनाएं।

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