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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाडियों ने आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी पेनचाक सिलाट चैंपियनशिप 2023 में मैडल झटक मचाया तहलका

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL SPORTS , at April 3, 2023 Tags: , , , , ,

आत्म रक्षा और व्यक्तिगत फाईट प्रतिस्पर्धा में जीते कांस्य पदक

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर (पंजाब) में हुआ पेनचाक सिलाट चैंपियनशिप 2023 का आयोजन

BOL PANIPAT , 28 मार्च

     एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की बीए प्रथम वर्ष की खिलाड़ी चेतना ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर (पंजाब) में आयोजित आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी पेनचाक सिलाट चैंपियनशिप 2023में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की टीम का हिस्सा बन कांस्य पदक झटक कर कॉलेज और जिले का मान बढाया है. चेतना ने यह उपलब्धि पेनचाक सिलाट की महिला गंडा (सामूहिक) विधा में हासिल की. चेतना ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की टीम का हिस्सा बन गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर,लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर समेत 10 विश्वविधालयों के खिलाडियों को पराजित किया.इस चैंपियनशिप का आयोजन 24 से 26 मार्च तक हुआ. दूसरी उपलब्धि में बीए प्रथम वर्ष के खिलाड़ी प्रशांत ने पेनचाक सिलाट की व्यक्तिगत फाईट विधा में आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

चेतना और प्रशांत का कॉलेज पहुँचने पर स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो रजनी देवी, ग्राउंड्स मैन प्रताप और अन्य प्राध्यापकों ने किया. चेतना और प्रशांत इससे पहले भी राष्ट्रीय, राज्य एवंजिला स्तरीय और इंटर कॉलेज टूर्नामेंट्समेंशानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते आ रहे है.

एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि खेलों में भाग लेने के हमें अनेकों फायदे मिलते है. इससे हमारा रूप और व्यक्तित्व बनता और निखरता है. खेल के मैदान और मुकाबले में हर खिलाड़ी यदि लगन के साथ भाग ले तो जीत अवश्य मिलती है.माता-पिता आज भी चाहतें हैं कि उनका बेटा या बेटी खिलाड़ी की जगह डाक्टर-इंजिनियर बने परन्तु चेतना और प्रशांत ने खेल के महत्व को पुनः समाज में स्थापित किया है. कॉलेज ऐसे खिलाडियों का निरंतर मार्गदर्शन करता रहेगा. तनाव और अवसाद से भरी आज की आधुनिक जीवन शैली में खेल ही हमें स्वस्थ और तनावमुक्त रख सकतें है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने चेतना और प्रशांत की भरपूर प्रशंसा की और कहा कि इन खिलाड़ीयोंकी उपलब्धि अत्यंत गौरवपूर्ण है. इनकी जीत से न सिर्फ येदोनोंखिलाड़ी जीवन में सफलता की सीढियां चढ़ेंगेबल्कि इनसेदूसरे विद्यार्थियोंको भी भरपूर प्रेरणा मिलेगी. आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है और इसमें भाग लेना मात्र ही हर खिलाड़ी का स्वप्नहोता है.चेतना और प्रशांत ने तो मैडल प्राप्त करकेएक नई बुलंदी को छुआ है.ये दोनों खिलाड़ी जल्द अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करे यही उनकीकामना है.पेनचाक सिलाट में शामिल खेल लचीलेपन, सजगता, ताकत, धीरज और चपलता कीमांग करते है.

डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि पेनचाक सिलाट शब्दावली का इस्तेमाल 1950 के दशक में इंडोनेशियाई आजादी के बाद आम प्रचलन में आया. यह कई तरह के मार्शल आर्ट्स के लिए सामान्य रूप से प्रयोग होने वाला शब्द है. यह पूर्ण रूप से शारीरिक युद्ध है जिसमें हमला, उठापटक, फेंकने के अलावा हथियारों का प्रयोग भी शामिल रहता है.पेनचाक सिलाट मेंशरीर के हर हिस्से का उपयोग किया जाता है और यह हमले के अधीन होता है. इसका अभ्यास न केवल शारीरिक रक्षा के लिए बल्कि मनोवैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है.

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, दीपक मित्तल आदि मौजूद रहे.

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