अग्रवाल मण्डी में आज भगवान महावीर जयन्ती तथा गुरू सुदर्शन जयन्ती मनाई गई.
अग्रवाल मण्डी जैन समाज ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमें 176 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ
BOL PANIPAT : जैन स्थानक, अग्रवाल मण्डी में आज भगवान महावीर जयन्ती तथा गुरू सुदर्शन जयन्ती मनाई गई। जिसमें श्री अजित मुनि जी ने कहा भगवान महावीर ने कुप्रथाओं का विरोध करते हुए फरमाया व्यक्ति जाति या जन्म से नहीं कर्म से छोटा बड़ा होता है।खानदानी घर में जन्म लेकर जो शराब, मांसाहार आदि कुव्यसनों का सेवन करता है वो व्यक्ति बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने नारी जाति का उद्वार किया, उसे भी धर्म करने का सन्यास लेकर मुक्ति प्रान्त करने का अधिकार दिया। सती प्रथा के विरोध में उन्होंने आवाज बुलन्द करते हुए कहा आग में जलकर सती होना धर्म नहीं, पाप है। सन्यास ग्रहण करके सच्ची सती साध्वी बनो। उस समय शराब व मांसाहार मुख्य भोजन था, भगवान महावीर ने उसे तामसिक भोजन कहकर छुड़वाया। उनके अनेकान्तवाद, अपरिग्रह, अहिंसा आदि सन्देश आज भी प्रासंगिक हैं। तथा विश्व शान्ति का मूलमंत्र है। आगे उन्होंने गुरूदेव सुदर्शन के बारे में बताया उस महान व सव्वे सन्त का जन्मशताब्दी वर्ष सम्पूर्ति पर है। वे मानवता के मसीहा थे। परम दयालु कृपालु गुरूदेव थे अतः उनके शताब्दी वर्ष में पूरे उत्तर भारत में 10 हजार यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा जो सम्पन्न होने जा रहा है। 10 हजार परिवारों से शराब व मांसाहार छुड़ाने का लक्ष्य भी पूर्णता पर है। हजारों लोगों के निशुल्क आंखों के ऑप्रेशन कराए गए, बेरोजगार लोगों को रोजगार दिया गया। अनेक लोकोपकार के कार्य सम्पन् हुए। उन्हीं की स्मृति में आज अग्रवाल मण्डी जैन समाज ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमें 176 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ।

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