पीआरपीसी में ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम ‘सक्षम-2023’ पखवाड़े की शानदार शुरुआत
BOL PANIPAT : 24 अप्रैल, 2023: सभी नागरिकों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ भारत में कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से, पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) में 24 अप्रैल, 2023 को संरक्षण क्षमता महोत्सव ‘सक्षम-2023’ के पखवाड़े भर चलने वाले कार्यक्रमों की उत्साहपूर्ण शुरूआत हुई । यह कार्यक्रम 24 अप्रैल से 8 मई, 2023 तक ” ऊर्जा संरक्षण – ‘नेट जीरो’ की ओर” के विषय पर एक पखवाड़े की अवधि के लिए मनाया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में एम एल डहरिया, कार्यकारी निदेशक व रिफाइनरी प्रमुख (पीआरपीसी) ने मुख्य-महाप्रबंधकगण, महाप्रबंधकगण तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बड़ी संख्या में पीआरपीसीएंस को सक्षम शपथ दिलाने के साथ हुई। इससे पहले हेमंत अग्रवाल, मुख्य-महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएँ) ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष, इंडियनऑयल के संदेश को मुकुल अग्रवाल, मुख्य-महाप्रबंधकगण (पी एंड यू, आईटी) द्वारा पढ़ा गया और निदेशक (रिफाइनरीज), इंडियनऑयल के संदेश को सुधांशु शेखर, मुख्य-महाप्रबंधकगण (तकनीकी), पीएनसी द्वारा पढ़ा गया। शेलेन्द्र कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, कर्मचारी संघ तथा ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि अविनाश कुमार ने भी अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर बोलते हुए, डहरिया ने आह्वान किया कि आइए ऊर्जा की बर्बादी के खिलाफ एकजुट हों और बहुत ही विवेकपूर्ण ढंग से जीवाश्म ईंधन का उपभोग करें। यह इंडियनऑयल द्वारा निर्धारित लक्ष्य जो कि वर्ष 2046 तक नेट जीरो परिचालन उत्सर्जन प्राप्त करना है को पूरा करने में मदद करेगा। इसलिए, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी पेट्रोलियम ईंधन का इष्टतम उपयोग सर्वोपरि है। उन्होंने प्रत्येक से आह्वान करते हुए कहा कि जितना संभव हो सके कार्बन उत्सर्जन को कम करने हेतु वृक्षारोपण, कार्बन कैप्चर और भंडारण, तथा अन्य कार्बन पृथक्करण विधियों जैसे कार्बन हटाने की तकनीकों के माध्यम से उत्सर्जन को ऑफसेट करने हेतु प्रयास करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि पीआरपीसी ने कार्बन पदचिह्न को कम करने के लिए 2जी व 3जी इथेनॉल संयंत्रों जैसी नई अत्याधुनिक तकनीकों में निवेश किया है जो पर्यावरण को स्वस्थ बनाने में मदद कर रहा है । इसके अलावा कार्बन उत्सर्जन के प्रभाव को और कम करने व पर्यावरण को स्वच्छ करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अभिनव समाधानों पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होने यह भी कहा कि ऊर्जा संरक्षण करना हम सब की नैतिक ज़िम्मेदारी है और हमें इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाना है।
ऊर्जा संरक्षण के इस कार्यक्रम को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए 15 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव मे कर्मचारियों के लिए, आस पास के गाँवों के स्कूली छात्र –छात्राओं के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम और साथ ही ग्रामीणों के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ।
एस.के. साहनी, उप-महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएँ) ने कार्यक्रम का संचालन किया जबकि आशा मंगिपुडी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

Comments