Saturday, April 18, 2026
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हरित भविष्य की ओर प्रतिबद्धता के साथ पीआरपीसी में वन महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन

By LALIT SHARMA , in Business , at July 1, 2025 Tags: , , , , , , ,

BOL PANIPAT : 1 जुलाई,   2025, वन महोत्सव के महत्व को स्वीकारते हुए, एम. एल. डहरिया, कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख, पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) ने 1 जुलाई 2025 को वन महोत्सव समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर अजय कैला, कार्यकारी निदेशक (कोर ग्रुप); चूरामन, कार्यकारी निदेशक (परियोजना); सीजीएम, जीएम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

सप्ताह भर चलने वाले इस पर्यावरणीय उत्सव (1 से 7 जुलाई 2025) के अंतर्गत उद्घाटन समारोह में 15 पौधों का रोपण किया गया। साथ ही, पीआरपीसी टाउनशिप में हरित आच्छादन को और अधिक समृद्ध करने के उद्देश्य से 2000 फलदार पौधों का रोपण व वितरण किया जाएगा। ये फलदार पौधे न केवल हरियाली को बढ़ावा देंगे, बल्कि पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय जैव विविधता और सामुदायिक स्वास्थ्य में भी सुधार लाएंगे।

अपने संबोधन में एम. एल. डहरिया ने सभी कर्मचारियों और उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल को भी उतनी ही गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण सौंपना है, जो उस विरासत से बेहतर हो जो हमें प्राप्त हुई।

वन महोत्सव, जिसे ‘वृक्षों का पर्व’ भी कहा जाता है, भारत में प्रतिवर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1950 में भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देशवासियों को वनों और वृक्षारोपण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

यह पर्व आज भारत की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुका है। इस अवसर पर देश भर में लाखों पौधे लगाए जाते हैं और समाज के सभी वर्गों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का अवसर प्राप्त होता है। पीआरपीसी का यह आयोजन इसी दिशा में एक सशक्त कदम है, जो हरित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में प्रेरणा देता है।

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