पीआरपीसी में विश्व हिन्दी दिवस बड़े उत्साहपूर्वक मनाया गया.
BOL PANIPAT :- 10 जनवरी, 2024: पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स (पीआरपीसी) में जनवरी 10, 2024 को विश्व हिंदी दिवस बड़े उत्साहपूर्वक मनाया गया । इस अवसर पर विश्व हिंदी दिवस का उत्सव मनाने हेतु सर्वप्रथम एम एल डहरिया, कार्यकारी निदेशक व रिफाइनरी प्रमुख (पीआरपीसी) ने उपस्थित मुख्य-महाप्रबंधकगण, महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारी यूनियन एवं अधिकारी एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण सभी को विश्व हिंदी दिवस की बधाई देते हुए राजभाषा प्रतिज्ञा दिलाई।

विश्व हिंदी दिवस का उद्घाटन करते हुए डहरिया ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी अपने-अपने स्तर पर इंडियनऑयल की गरिमा के अनुकूल राजभाषा के तय लक्ष्यों को जिम्मेदारी से पूरा करने का संकल्प लें । हरियाणा राज्य “क” क्षेत्र में स्थित होने के कारण हिन्दी कार्यान्वयन में हमारी ज़िम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। डहरिया ने कहा कि हिंदी भारत संघ की राजभाषा है और इसके संवर्धन के लिए भारत सरकार तथा केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विभाग भी काफी गंभीर है। हिंदी ने देश की विविधता में एकता की संकल्पना को हमेशा आगे बढ़ाया है। आज राजभाषा हिंदी विश्व बाजार की एक आशा के रूप में गतिमान हो रही है। हिंदी विदेशों में बसे भारतीयों को भी भाषा मुख्य भाषा है जिसे सभी भारतीय गर्व के साथ अपनाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि विदेशों में भी हिंदी को विशेष दर्जा दिलाने के लिए हर साल 10 जनवरी के दिन विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। भारत एक ऐसा देश है, जहां बातचीत के लिए भले ही कई तरह की भाषाओं का प्रयोग किया जाता है, लेकिन हिंदी एक ऐसी भाषा है जो ज्यादातर भारतीयों को एक डोर में जोड़े रहती है। वर्तमान समय में भी भारत में हिंदी को राजभाषा और भारत की आधिकारिक भाषा के तौर पर ही पहचाना जाता है। अत: हम सभी पूरी लगन से अपने कामकाज में हिंदी को अधिक से अधिक अपनाऍं।
इस अवसर पर तरुण कुमार बिसई, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। आशुतोष चन्द्र झा, सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (पानीपत) एवं वरिष्ठ हिन्दी अधिकारी द्वारा मंच संचालन किया गया । उन्होने पानीपत रिफाइनरी एवं नेफ्था क्रेकर प्लांट में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आज होने वाली निबंध लेखन प्रतियोगिता के बारे में बताया और इस प्रतियोगिता में सभी से बढ़-चढ़ कर प्रतिभागिता करने का अनुग्रह किया ।

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