Friday, April 24, 2026
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वाईआरसी ट्रेनिंग कैंप विद्यार्थियों को जीवन में सर्वोत्तम रास्ता चुनने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने में मदद करते है: डॉ पवन कुमार

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 27, 2024 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की पांच महिला वाईआरसी कार्यकर्ताओं ने पांच दिवसीय राज्य स्तरीय यूथ रेडक्रॉस ट्रेनिंग कैंप में किया शानदार प्रदर्शन.

युवा रेडक्रॉस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र द्वारा नैनीताल (उत्तराखंड) में किया गया कैंप का आयोजन.   

BOL PANIPAT , 27 जनवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की पांच महिला वाईआरसी कार्यकर्ताओं ने युवा रेड क्रॉस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र द्वारा यूथ हॉस्टल नैनीताल (उत्तराखंड) में आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय यूथ रेडक्रॉस ट्रेनिंग कैंप में शानदार प्रदर्शन किया और प्रकृति एवं पर्यावरण को नजदीक से महसूस किया तथा प्रशिक्षण के विभिन्न आयामों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया । बीए तृतीय वर्ष की छात्राओं भारती, शीतल, पिंकी, काजल और अंजलि ने कॉलेज वाईआरसी का प्रतिनिधित्व करते हुए इस आवासीय कैंप में 22 से 26 जनवरी तक हिस्सा लिया । इस कैंप के निदेशक प्रो दिनेश सिंह राणा प्रोग्राम समन्वयक यूथ रेड क्रॉस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र रहे । वाईआरसी काउंसलर डॉ पवन कुमार ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया । कैंप के सफल समापन के उपरान्त सभी वाईआरसी कार्यकर्ताओं का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, प्रो मनोज कुमार और अन्य प्राध्यापकों ने किया । विदित रहे कि इस कैंप में भाग लेने के लिए हरियाणा प्रदेश के अनेकों शिक्षण संस्थानों के वाईआरसी कार्यकर्ताओं को चयनित किया गया था जिन्हें इस आवासीय कैंप के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण को जानने और समझने का अवसर प्रदान किया गया । प्राकृतिक आपदाओं और इनसे जुड़े डर को मैन से बाहर निकालना भी इस ट्रेनिंग कैंप का एक उद्देश्य रहा । कैंप में आयोजित विविध प्रकार की गतिविधियों जैसे ट्रेकिंग (चाइना पीक), फर्स्ट ऐड ट्रेनिंग, मनोचिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण, ध्यान क्रिया,  जिपलाइनिंग, रॉकक्लाइमिंग, रिवर क्रासिंग, रस्साकशी, कमांडो नेट क्लाइमिंग, मंकी करोलिंग, रेपलिंग आदि में कार्यकर्ताओं ने जोश और जूनून के साथ हिस्सा लिया । सांयकालीन सत्र में विविध सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमे एकल नृत्य में भारती ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया । कार्यकर्ताओं ने नैना देवी मन्दिर का भ्रमण नही किया ।                      

     डॉ पवन कुमार वाईआरसी काउंसिलर ने कहा कि हमें अपने चारों ओर के वातावरण को संरक्षित करने का तथा हमारे जीवन के अनुकूल बनाए रखने का निरंतर प्रयास करना होगा । पर्यावरण और प्राणी एक दूसरे पर आश्रित हैं और यही कारण है कि भारतीय चिन्तन में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा उतनी ही प्राचीन है जितना यहाँ की मानव जाति का इतिहास है । इस कैंप ने वाईआरसी कार्यकर्ताओं को इसी तथ्य का बोध कराया है ।  

डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि वाईआरसी ट्रेनिंग कैंप के आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति सभी की चेतना को जागृत करना है । अगर हमने पर्यावरण में संतुलन बनाए रखा होता और इसका अर्थहीन दोहन न किया होता तो जो हालात धरती पर आज पैदा हो गए है वह कभी न होते । प्रकृति हमे बार-बार चेतावनी देती आई है कि हम उससे अनवांछित छेडछाड़ न करे और उसके साथ भी उचित व्यवहार करे । हमें एक ही धरती मिली है और हमें इसका ख्याल रखना ही होगा । 

वाईआरसी कैंप उद्देश्य पर्यावरण के साथ सदभाव में रहना सिखाना और इसकी सुरक्षा के प्रति सभी की चेतना  को जागृत करना है ।

डॉ एसके वर्मा ने कहा कि ऐसे ट्रेनिंग कैंप छात्र-छात्राओं में छिपी प्रतिभा को बाहर निकाल कर उनमें साहस और रोमांच की भावना का विकास करते हैं । इससे कार्यकर्ताओं में निर्णय लेने और सीमित संसाधनों में जीवनयापन करने के गुण विकसित होते हैं और विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं । पांच दिवसीय इस कैंप में वाईआरसी कार्यकर्ताओं को फ्लाइंग फोक्स, मंकी क्रोलिंग,  कमांडों क्रासिंग, आरचरी, शूटिंग, लेडर ब्रिज, ब्रह्मा ब्रिज, रोप वाक आदि का प्रशिक्षण दिया गया जो उनके आगे के जीवन में बहुत काम आएगा । इस कैंप में छात्र-छात्राओं को विपत्ति के समय अपना बचाव करने के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया । आग लगने की स्थिति में अपना बचाव, बिना ब्रिज के नदी को पार करना, पहाड़ों की चढ़ाई, शूटिंग का ज्ञान, कमांडो की ट्रेनिंग आदि जैसे प्रशिक्षण उनके जीवन में बहुत काम आने वाले हैं ।

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