दिल्ली-अमृतसर के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर मंथन.
-व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश के विकास में सहयोग करें ग्राम पंचायतें: डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया
-दिल्ली को अमृतसर से जोडऩे वाले कॉरिडोर से पानीपत के विकास को मिलेगी गति:डीसी
-उपायुक्त ने अधिकारियों को हर संभव मदद के लिए दिया आश्वासन
BOL PANIPAT , 2 फरवरी। दिल्ली-अमृतसर उच्च गति रेल परियोजना को लेकर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों की एक बैठक उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला सचिवालय के सभागार में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायत के सरपंच भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि देश के विकास के लिए हमें अपने हितों का त्याग करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए। हाई स्पीड ट्रेन के संचालन से जहां लंबी दूरी की यात्रा सुगम होगी, वहीं क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
उपायुक्त ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हर संभव मदद के लिए तैयार है। इस पायलट प्रोजेक्ट को हर हाल में पूर्ण कराएंगे। वे उन गांव में जाकर जगह का मुआयना भी करेंगे जिन गांवों की जमीन एक्वायर होगी।
उपायुक्त ने सरपंचों को आश्वासन दिया कि उन्हें किसी तरह की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। जिले के 22 गांव इस परियोजना के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में परियोजना की लंबाई 31.74 किलोमीटर है व 62.33 कुल प्रभावित क्षेत्र है। इसमें तीन तहसीलें 22 गांव आते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि परियोजना विकास के लिए आवश्यक कुल भूमि 63.79 हेक्टेयर है, जिसमें कुल निजी भूमि की आवश्यकता 65. 33 हेक्टेयर है। उपायुक्त ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया कराने का अधिकारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि इस कॉरिडोर के संचालन के बाद दिल्ली से चंडीगढ़ व अमृतसर तक आवागमन का समय घटेगा। वे पानीपत का मुखिया होने के नाते पूरे जिले को अपना परिवार समझते हैं व उन्हें किसी तरह की तकलीफ नहीं होने देंगे।
बैठक में सी जे एम अनिल शर्मा ने जानाकरी देते हुए बताया कि रेलवे मंत्रालय ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का काम नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपा है। दिल्ली चंडीगढ़ अमृतसर कॉरिडोर इनमें से एक प्राथमिक गलियारा है। डीसी-एएचएसआर कॉरिडोर में दिल्ली को अमृतसर से जोडऩे वाला एच एस आर कॉरिडोर लगभग 474.772 किलोमीटर लंबाई की है। उन्होंने सरपंचों से इस कार्य में सहयोग प्रदान करने की अपील की।

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