“उद्यमिता और कौशल विकास” विषय पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया.
BOL PANIPAT : जी.टी. रोड स्थित आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत मे प्लेसमेंट एवं करियर गाइडेंस सेल और मेधा लर्निंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “उद्यमिता और कौशल विकास” विषय पर एक एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया । इसके साथ ही मेधा फाउंडेशन से मिस्टर शान ने विद्यार्थियों को साक्षात्कार में सफलता हासिल करने के टिप्स भी दिए। इसमें वार्ता में महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के लगभग 144 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथियों मिस्टर राहुल सिंगला(मैनेजिंग डायरेक्टर, इंबाइब टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड), मिस्टर कपिल(स्टेट कोऑर्डिनेटर, स्वावलंबी भारत अभियान) एवं मिस प्रसन्ना को तुलसी का पौधा देकर किया गया। डॉ. निधान सिंह ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि भारत को युवाओं का देश कहा जाता है। ऐसे में यह बेहद ज़रुरी हो जाता है कि वे अपने स्किल्स का विकास करें ताकि उसके माध्यम से वे खुद के जीवन में बदलाव लाने के साथ देश को भी आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें। उन्होंने यह भी कहा कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से व्यक्ति अपने अन्दर कुशलताओं का विकास करके अपने खुद के व्यवसाय को शुरू कर सकता है।स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से उत्पादकता में वृद्धि होती हैं और व्यक्ति अपनी आय के साथ राष्ट्रीय आय में वृद्धि करते हैं। करियर एवं प्लेसमेंट गाइडेंस सेल की संयोजिका डॉ. अर्पणा गर्ग ने कहा कि उद्यमिता में एक तरफ भरपूर लाभ कमाने की सम्भावना है तो दूसरी तरफ जोखिम,अनिश्चितता और अन्य खतरे की भी प्रबल संभावना है।जहां एक सफल उद्यमी बनना कुछ लोगों के लिए स्वाभाविक है, वहीं दूसरों को व्यवसाय शुरू करने और सफलता की ओर ले जाने के लिए कुछ आवश्यक कौशल की आवश्यकता होती है।

ये कौशल आपकी उद्यमशीलता की सफलता निर्धारित करते हैं। सफल उद्यमियों के पास हार्ड और सॉफ्ट दोनों कौशल में महारत हासिल होती है। किसी व्यवसाय को चलाने और प्रबंधित करने के लिए अकाउंटिंग, मार्केटिंग और वित्तीय नियोजन जैसे कठिन कौशल महत्वपूर्ण हैं और संचार, समस्या-समाधान और निर्णय लेने जैसे सॉफ्ट कौशल आपके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करते हैं। इस वार्ता के मुख्य वक्ता मिस्टर राहुल सिंगला (मैनेजिंग डायरेक्टर, इंबाइब टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड) ने कहा कि किसी राष्ट्र की सफलता हमेशा उसके युवाओं की सफलता पर निर्भर करती है और कुशल भारत निश्चित रूप से इन युवा भारतीयों के लिए बहुत अधिक लाभ और अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमी तभी सफलता हासिल कर पाएगा जब वो अपने व्यवसाय में नए नए विचारों को लायेगा। इसके अलावा उन्होंने वेंचर कैपिटल और स्टॉक मार्केट के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस वार्ता के दूसरे वक्ता मिस्टर कपिल(स्टेट को-ऑर्डिनेटर, स्वावलंबी भारत अभियान) ने कहा कि कौशल विकास में नेतृत्व, व्यवसाय प्रबंधन, समय प्रबंधन, रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान जैसी स्किल्स शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आप इन कौशलों को कई नौकरी भूमिकाओं और उद्योगों में लागू कर सकते हैं। ये उद्यमी कौशल नवाचार, व्यवसाय विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन कौशलों को विकसित करने का अर्थ है एक साथ कई कौशल विकसित करना।मंच का संचालन डॉ. निधि मल्होत्रा ने किया। अंत में डॉ. निधान सिंह ने सबका धन्यवाद किया।इस वार्ता के सफल आयोजन में मेधा फाउंडेशन से मिस्टर शाहिद अली, मिस्टर शान, महाविद्यालय के स्टाफ डॉ. निधि मल्होत्रा एवं प्रो. निशा गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई।

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