विदेशी कलाकारों की कला को देख झूम उठे लोग।
BOL PANIPAT : थिराना के पास स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान मानसरोवर में रशियन कलाकारों द्वारा हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम। हजारों की संख्या में पहुंचे शहरवासी और आस-पास के गाँव वाले। कलाकारों की प्रस्तुति को देख झूम उठे लोग और खड़े होकर तालियां बजाने लगे। इस मौके पर पानीपत सर्कल इंचार्ज राजयोगिनी सरला बहन, रशिया से अपने आर्टिस्ट ग्रुप के साथ पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका संतोष बहन एवं जी.आर.सी निदेशक बीके भारत भूषण सहित स्थानीय ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्रों की इंचार्ज बहनें भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में रशियन कलाकारों ने भारतीय देशभक्ति से जुड़े गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी, जैसे देश रंगीला आदि। इसके अलावा भगवान शिव की महिमा के गीतों और कुछ रशियन सॉंग्स पर भी उन्होंने नृत्य किया। एक लघु नाटिका के माध्यम से संदेश दिया कि मानव को आसुरी वृत्तियाँ छोड़ दैवी गुण धारण करने चाहिए। जिन मनुष्यों में देने की भावना होती है, उनको देव तुल्य कहेंगे और जो सदा लेने की इच्छा रखते हैं या छीनने का प्रयास करते हैं उनको आसुरी संप्रदाय कहेंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्था में रशिया स्थित सेवा केन्द्रों की संयुक्त क्षेत्रीय समन्वयक और रशिया के सांस्कृतिक कलाकारों की ग्रुप लीडर ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से ये कलाकार भारत के अनेक स्थानों पर ज्ञानयोग से सजे सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति करता आ रहा है। फिर उन्होंने कहा.. यह सर्वविदित है कि कला, मीडिया, गीत, संगीत और नृत्य सदा ही व्यक्ति और समाज को प्रभावित करने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इस शक्तिशाली माध्यम का सही उपयोग किया जाए तो मानव की मनोवृत्तियों को श्रेष्ठ बनाकर एक उत्तम समाज की रचना की जा सकती है।
इसलिए इस डिवाइन लाइट ग्रुप का लक्ष्य भी यही है कि अपनी कला के माध्यम से मानव जीवन के तनाव को कम करके आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाएं। और साथ ही इन कार्यक्रमों द्वारा भारत और रूस के नागरिकों के बीच हृदय सेतु बन बेहतर विश्व का निर्माण करने में सहयोगी बनना। राजयोगी बीके भारत भूषण ने सभी कलाकारों का शब्दों के माध्यम से आभार प्रकट किया और भविष्य में फिर से पानीपत शहर में आने का निमंत्रण भी दिया। राजयोगिनी सरला बहन ने पूरी सभा को मेडिटेशन का अभ्यास कराया।

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