जनता समाधान शिविर में लेट लतीफ अधिकारियों पर अब बरती जाएगी सख्ती: उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया।
-समाधान शिविर की गरिमा को ध्यान में रखकर अधिकारी करें अपनी डयूटी का निर्वाहन।
-शिकायतकर्ता संबंधित उपमंडल स्तर पर भी दे सकते है अपनी शिकायतें, निश्चित रूप से होगा समाधान।
-समाधान शिविर में 284 समस्याएं आई, जिनमें 139 का मौके पर हुआ समाधान
-समाधान शिविरों के माध्यम से अब तक 6 हजार के करीब छायादार,फलदार पौधों को शिकायतकर्ताओं को किया गया वितरित।
BOL PANIPAT , 18 जुलाई। मुख्यमंत्री नायब सिंह के कुशल नेतृत्व में जिला व मंडल स्तर पर आयोजित किये जा रहे जनता समाधान शिविर में प्रशासन ने और गति प्रदान करने का मन बना लिया है। इसका प्रमुख कारण कई अधिकारियों के शिविर में देरी से पहुंचना माना जा रहा है। ऐसे अधिकारी जो शिविर में स्वयं न आकर अन्य विभाग के अधिकारियों को भेजते है। उन पर इसका असर जरूर नजर आएगा। वीरवार को सचिवालय में आयोजित जनता समाधान शिविर में उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा कि जिन विभागों के अधिकारी लेट लतीफ का शिकार है उन के साथ सकती से निपटा जाएगा। जरूरत पडऩे पर उन अधिकारियों की जनता समाधान शिविर में देरी से पहुंचने की सूचना भी मुख्यालय को दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि शिविर में पहले दो दिन की तुलना में शिकायतकर्ताओं द्वारा कम शिकायतें लेेकर आना इस बात की तरफ संकेत करता है कि 10 जून से शुरू हुए जनता समाधान शिविर से लोग खुश है व उनकी ज्यादातर समस्याओं का समाधान हो चुका है। जो समस्याएं बची है उन पर अधिकारियों के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि शिविर में बहुत से शिकायतकर्ता उपमंडल स्तर पर समस्याओं को ले जाने के बजाय जिला मुख्यालय पर पहुंचते है। जबकि उपमंडल स्तर पर भी ये जनता समाधान शिविर आयोजित किये जा रहे है। उन्हें उपमंडल स्तर पर अपनी शिकायतों को दर्ज कराना चाहिए। जो समस्याएं बड़ी है उन पर पहले की तरह विचार किया जाएगा व उसका समाधान वे स्वयं करेगें।
उपायुक्त ने कहा कि इस जनता समाधान शिविर की अपनी गरिमा है। इसको हम सबने बरकार रखना है व जनता की समस्याओं का पर प्राथमिकता के साथ निदान करना है और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी पौधारोपण करना है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं द्वारा रोजाना शिकायतों के निदान के साथ साथ पौधारोपण का जो कार्य किया जा रहा है वह बहुत ही प्रंशसनीय है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रशासन के प्रयास व जनता के सहयोग से समाधान शिविरों के माध्यम से 6 हजार के करीब छायादार,फलदार पौधों का पौधारोपण किया जा चुका है।
समाधान शिविर की इस कड़ी में रामनिवास ने अपने घरेलू बिजली बिल को किस्तों में अदा करने का अनुरोध प्रशासन से किया। उपायुक्त ने उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि किस्तों में उनका बिल बनाया जाएं ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। शिकायतकर्ता सविनल ने उपायुक्त से अनुरोध किया कि उनका बीपीएल का राशन कार्ड चालू किया जाएं। राशन कार्ड के अभाव में उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें राशन कार्ड कि अत्याधिक आवश्यकता है। उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की बात कही।
शिकायतकर्ता कृष्णलाल वासी नैन ने उपायुक्त से प्रार्थना की कि जब वह डयूटी पर जा रहा था तो एक व्यक्ति ने उनसे बदसलूकी की व जान से मारने की धमकी दी। मुझे उस व्यक्ति से अभी भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई। शिकायतकर्ता कलीराम वासी राजा खेड़ी ने बताया कि वह बीपीएल परिवार से संबंध रखता है। उनके मकान की हालत खस्ता है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील की।
इसराना एसडीएम ज्योति मित्तल ने बताया कि समाधान शिविर में मात्र 3 समस्याएं आई जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। इसी कड़ी में एसडीएम समालखा अमित कुमार ने बताया कि जनता समाधान शिविर में 39 समस्याएं प्राप्त हुई जिनमें से 9 का समाधान अधिकारियों के सहयोग से किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ.पंकज, एसपी अजीत सिंह शेखावत, सीटीएम टीनू पोसवाल, संयुञ्चत निगम कमीशनर मनी त्यागी, जिला परिषद के सीईओ गौरव, सीएमओ जयंत आहुजा, एलडीएम राजकुमार, कृषि विभाग के एसडीओ राधे श्याम गुप्ता, पशु पालन विभाग से डॉ. माणिक, मतस्य अधिकारी अनुज कुमारी, आरटीए नीरज जिंदल के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।

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