माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री द्वारा बेंगलुरु में ऊर्जा प्रौद्योगिकी सम्मेलन (ईटीएम) 2024 का उद्घाटन.
BOL PANIPAT : बेंगलुरु, 12 नवंबर, 2024 – आयोजकर्ता उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) और सह-आयोजक कर्ता के रूप में भागीदारी कर रहे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंडियनऑयल) द्वारा ऊर्जा प्रौद्योगिकी सम्मेलन (ईटीएम) 2024 का आज बेंगलुरु में शुभारंभ हुआ। “ग्रीन एनर्जी हराइजन: एडवांसिंग सस्टेनबल रिफ़ाइनिंग एण्ड पेट्रोकेमिकल्स” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में उद्योग के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और नवप्रवर्तकों ने भाग लिया। 12 से 14 नवंबर 2024 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से भारत ने सतत ऊर्जा नवाचारों और हरित ऊर्जा समाधानों को बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने ईटीएम-2024 को ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और तकनीकी नवाचार को एक साथ लाने का एक सशक्त मंच बताया। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के आंकड़ों का हवाला देते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि “हमारे देश की ऊर्जा मांग 2047 तक दोगुनी होने वाली है और अगले दो दशकों में वैश्विक ऊर्जा मांग में 25% की वृद्धि अकेले भारत से ही होगी।” श्री पुरी ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) और निजी ऊर्जा कंपनियों की नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्रिय भूमिका की सराहना की। साथ ही उन्होंने एथनॉल, हाइड्रोजन और जैव ईंधन में प्रगति के माध्यम से प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ दृष्टिकोण को सहयोग करने की पुष्टि की।
माननीय मंत्री ने भारत की जैव ईंधन उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में भारत की जैव ईंधन मिश्रण दर 16.9% तक पहुंच गई है, जिससे देश 2030 के लिए निर्धारित 20% लक्ष्य को पांच साल पहले ही हासिल करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार की जैव ईंधन पहलों के परिणामस्वरूप हमने आयात बिल में 91,000 करोड़ रुपए की बचत की है, जिससे कृषि क्षेत्र को भी आवश्यक प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि जैव ईंधन मिश्रण में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है, जो स्थायी ईंधन प्रक्रियाओं में भारत की अग्रणी स्थिति को दर्शाता है।
इसके अलावा, श्री पुरी ने भारत के रिफ़ाइनिंग क्षेत्र पर जोर देते हुए कहा, “भारत के पास 250 से अधिक प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है जिससे मौजूदा रिफ़ाइनिंग क्षमता 258 एमएमटीपीए से बढ़कर 310 एमएमटीपीए तक पहुंचने की उम्मीद है।” रिफ़ाइनिंग विस्तार और पेट्रोकेमिकल्स एकीकरण के साथ, भारत लचीले और प्रभावी ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल नवाचार की भूमिका पर बात करते हुए, मंत्री ने बीसीजी की रिपोर्ट का संदर्भ दिया जिसमें कहा गया है कि भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाजार 2027 तक 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने ऊर्जा संचालन में दक्षता बढ़ाने में डिजिटलीकरण की संभावनाओं पर जोर दिया।
श्री वी. सतीश कुमार, अध्यक्ष और निदेशक (विपणन), इंडियनऑयल ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जा उद्योग का भविष्य रिफ़ाइनिंग प्रक्रियाओं में हरित ऊर्जा समाधानों को शामिल करने पर टिका है। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को पर्यावरण अनुकूल बनाकर हम एक मजबूत और पर्यावरण हितैषी जिम्मेदार उद्योग का निर्माण कर सकते हैं। ईटीएम-2024 हमारी रिफ़ाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र के लिए सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है जो राष्ट्र की आकांक्षाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस प्रमुख कार्यक्रम में माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री तथा पेट्रोलियम उद्योग और भारत सरकार के कई शीर्ष स्तरीय नेता शामिल हुए। इस 3-दिवसीय कार्यक्रम में इस क्षेत्र के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, लाइसेंसकर्ता, अनुसंधान एवं विकास वैज्ञानिक और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र के अन्य प्रोफेशनलों सहित भारत और विदेश से 1300 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ईटीएम 2024 में अक्षय एकीकरण, हाइड्रोजन उत्पादन, अपशिष्ट से ऊर्जा नवाचार और कार्बन तटस्थता की रणनीतियों पर तकनीकी सत्र होंगे। प्रदर्शनी क्षेत्र में उद्योग के लीडर्स, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों के अत्याधुनिक उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह कार्यक्रम आपसी सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देता है, जिसमें शैक्षणिक और उद्योग के बीच साझेदारी, कौशल विकास, और संयुक्त अनुसंधान और विकास प्रयास शामिल हैं, जो भारत के स्थायी ऊर्जा भविष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

Comments