प्रदेश के किसानों को गन्ने पर 25 रूपए प्रति किवंटल बोनस दे सरकार: रतनमान
BOL PANIPAT , 28 जनवरी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की प्रदेश स्तरीय मासिक किसान पंचायत शनिवार को स्थानीय किसान भवन में आयोजित की गई। जिसमें भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने शिरकत करते हुए प्रदेश के विभिन्न जिला से पहुंचे पदाधिकारियों के साथ गत 26 जनवरी को जींद में आयोजित की गई किसान महापंचायत की समीक्षा की और एसकेएम के संसद कूच को लेकर भाकियू पदाधिकारियों की डयूटी लगाई गई। किसान महापंचायत की अध्यक्षता भाकियू के पानीपत जिला प्रधान सोनू मालपुरिया ने की। इस बीच भाकियू कार्यकर्ताओं ने भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद के नारे लगा कर अपनी आवाज करे बुलंद्व किया। वहीं, प्रदेश स्तरीय मासिक किसान पंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि सरकार ने गन्ने के भाव में मात्र 10 रूपए बढ़ाकर किसानों के साथ धोखा किया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश का गन्ना किसान हताश व निराश है और वह अपने आप को ठगा हुआ सा महसूस कर रहा है। मान ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों को इस पिराई सीजन के लिए कम से कम 25 रूपए प्रति किवंटल गन्ने पर बोनस दिया जाये ताकि गन्ने की उत्पादन लागत खर्च का घाटा पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और जब तक किसानों को गन्ने का पूरा भाव नहीं मिलता, तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। जिसका सभी उपस्थित किसानों ने जोरदार समर्थन किया।
जींद की गन्ना किसान संघर्ष समिति ने चढूनी का साथ छोडक़र भाकियू में जताई आस्था
जींद शुगर मिल से जुड़ी गन्ना किसान संघर्ष समिति के प्रधान पवन शाहु व अन्य पदाधिकारियों ने शनिवार को भाकियू की प्रदेश स्तरीय मासिक किसान पंचायत में पहुंच कर उन्होंने गुरनाम चढूनी की यूनियन का साथ छोडक़र भाकियू में अपनी आस्था जताई। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने चौ. छोटू राम की प्रतिमा के आगे खड़े होकर जींद की गन्ना किसान संघर्ष समिति के प्रधान पवन शाहु व अन्य सदस्यों का जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर प्रधान पवन शाहु के अलावा संदीप जुलानी, रोहताश मंगतपुर, संदीप झांज, पप्पू कंडेला, अजमेर राजपुरा भैण सहित कई सदस्य मौजूद रहे। समिति के प्रधान पवन शाहु ने कहा कि गन्ने के भाव में मात्र 10 रूपए बढ़ाकर किसानों के साथ एक बड़ा धोखा किया है। उन्होंने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार द्वारा गन्ने का भाव 10 रूपए बढ़ाने के फैसले का स्वागत करके एवं आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करके किसानों की पीठ में छुरा घोंपने का कार्य किया है। जो कि उन्होंने इस तरह का बहुत ही गलत निर्णय लिया है। चढूनी के इसी फैसले से आहत होकर जींद शुगर मिल की किसान गन्ना संघर्ष समिति ने चढूनी का साथ छोड़ कर भविष्य में भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में काम करने की घोषणा की।
कुरूक्षेत्र में एसकेएम की होने वाली बैठक में संसद कूच की तारीख करेंगे तय
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि संसद कूच को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की आने वाली 9 फरवरी को कुरूक्षेत्र में बैठक होगी और उसी बैठक में किसानों के संसद कूच की तारीख तय की जाएगी। मान ने किसानों से कहा कि हालांकि सभी किसान संसद कूच को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दे और तारीख तय होने के बाद सभी किसान एसकेएम के नेतृत्व में देशभर के किसान संसद कूच करेंगे। किसान पंचायत का मंच संचालन प्रताप माजरा ने किया। इस अवसर पर प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, प्रवक्ता छज्जू राम कंडेला, मदन पाल, संदीप संध्याय, गुरनाम सहारण, रूप सिंह, मा. ईश्वर सिंह, ओमप्रकाश जाटल, सतनरायण कुंडू, बलजीत राठी, कामरेड भीम सिंह व राजिंद्र आटा आदि मौजूद रहे।

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