अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले मामलों में बरती जा रही पूरी पारदर्शिता: उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया
-जिला सचिवालय में हुई जिला स्तरीय चौकसी और निगरानी कमेटी की बैठक
-1 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक दर्ज 13 मामलों में से 9 पीड़ितों को उपलब्ध करवाई सहायता राशि, 2 रद्द व 2 विचाराधीन
-बैठक में सदस्यों ने की जन समस्याओं के निदान की मांग
BOL PANIPAT , 2 दिसम्बर। जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर स्थित सभागार में सोमवार को जिला स्तरीय चौकसी और निगरानी कमेटी की बैठक उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत दर्ज मामलों पर उपायुक्त ने अपडेट लिया व अधिकारियों को कुछ आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जो मामले आए है उन पर गहनता से विचार करके निर्णय लिये गए है। उपायुक्त ने बताया कि 1 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक दर्ज 13 मामलों में से 9 पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध करवार्ईं जा चुकी है जबकि 2 मामलों पर विचार करने पर उन्हें रदद कर दिया है और 2 मामले में दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इस मौके पर समिति के सदस्यों ने उपायुक्त से अनुरोध किया कि भविष्य में होने वाली बैठक में सभी अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। समिति सदस्यों ने उपायुक्त के सामने शौचालय संबंधी समस्याएं भी रखी। जिन पर उपायुक्त ने संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र, डीएसडब्लयू जयपान हुडडा, डीएफएससी नीतू, कुराना के पूर्व सरपंच सत्यवान झण्डा, बलजीत साराशर, सत्यप्रकाश वैद, अशोक कौशिक आदि मौजूद रहे।

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