“बाल विवाह के खिलाफ एकजुट हुआ पानीपत: बच्चों का बचपन बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन और समाज ने मिलाया हाथ”
BOL PANIPAT , 30 जुलाई।
“हर बच्चा किताबों और सपनों से जुड़ा हो, शादी और ज़िम्मेदारियों से नहीं।”
इसी उद्देश्य को लेकर पानीपत इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बुधवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन कर बाल विवाह के विरुद्ध हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया, जिसमें प्रशासन, पुलिस विभाग और एसोसिएशन ने मिलकर सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने हस्ताक्षर कर अभियान का शुभारंभ किया। और संबोधित करते हुए कहा कि “बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह मासूम ज़िंदगियों के शोषण का कारण भी बनता है। पानीपत पुलिस ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यदि किसी को कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले, तो बिना हिचक सूचना दें। आपकी एक आवाज़ किसी बच्चे का जीवन संवार सकती है — कानून आपके साथ है।”
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स, चाइल्ड मैरिज प्रोहिबिशन ऑफिसर एवं संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता, तथा पानीपत इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज दुआ मौजूद रहे।
संरक्षण अधिकारी राजनी गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा:
“बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य पर लगने वाली एक अमिट छाया है। मेरा यह दायित्व है कि हर बच्चे को उसकी उम्र के अनुसार शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर मिले।
पानीपत इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन की यह पहल एक सराहनीय कदम है, जो समाज को इस गंभीर विषय के प्रति जागरूक कर रही है। हम सब मिलकर एक ऐसा समाज बना सकते हैं जहाँ हर बच्चा केवल खिलौनों और किताबों से रिश्ता रखे, न कि विवाह और जिम्मेदारियों से।”
अध्यक्ष श्री पंकज दुआ, पानीपत इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा:
“हमारी संस्था केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को भी उतनी ही गंभीरता से निभाती है। बाल विवाह के खिलाफ यह हस्ताक्षर अभियान इस बात का प्रतीक है कि अब समाज चुप नहीं रहेगा।
हमारा लक्ष्य है कि पानीपत को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जाए, और इसके लिए हम प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ पूर्ण सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह अभियान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जब प्रशासन, पुलिस और समाज एक मंच पर आते हैं, तो किसी भी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य — नितिन मदान, मनीष छाबड़ा, वनीत, निहित गोयल, पवन डावर, कालीचरण गुप्ता, अभिमन्यु बत्रा और अंकुर बठला भी उपस्थित रहे।

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