देव उठानी एकादशी पर प्रशासन की कड़ी नजर — बाल विवाह की संभावनाओं पर विशेष निगरानी
BOL PANIPAT : 31दिसंबर, देव उठानी एकादशी का पर्व पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन से शुभ कार्यों, विशेषकर विवाह संस्कारों की शुरुआत होती है। परंतु परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ-साथ कुछ स्थानों पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पानीपत ने जिलेभर में विशेष सतर्कता बरती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों की संयुक्त टीमें जिले के सभी ब्लॉकों और पंचायतों में सक्रिय हैं। जो विवाह समारोहों पर सतत निगरानी रख रही हैं। किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा तुरंत कार्यवाही की जा रही है।
बाल विवाह कानून और हरियाणा सरकार की नीति —
“बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006” के तहत बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और बालिका की 18 वर्ष निर्धारित की गई है। नाबालिग का विवाह कराना, करवाना या उसमें सहयोग देना कानूनी अपराध है।
हरियाणा सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से बाल विवाह को अवैध घोषित किया गया है, और ऐसे विवाहों को निरस्त मानते हुए आयोजकों, परिजनों या सहयोगियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान किया गया है।
किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना नागरिक 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या 181 (महिला हेल्पलाइन) पर तुरंत दे सकते हैं।
उपायुक्त डाक्टर वीरेद्र कुमार दहिया का संदेश —
“देव उठानी एकादशी हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, परंतु समाज के लिए यह भी आवश्यक है कि परंपराओं का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ किया जाए। बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालता है। जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नागरिकों से अपील है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें।”
पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह का वक्तव्य —
“पानीपत पुलिस सभी थाना स्तर पर निगरानी बनाए हुए है। किसी भी बाल विवाह की सूचना पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है। बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। समाज की जागरूकता और नागरिकों की तत्परता ही इस अपराध को समाप्त करने की सबसे बड़ी ताकत है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि ऐसी किसी भी जानकारी को तुरंत साझा करें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।”
जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता का संदेश —
“देव उठानी एकादशी का यह शुभ दिन समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश लेकर आए। हरियाणा सरकार ने बाल विवाह को अवैध घोषित किया है — अब हमारा कर्तव्य है कि हर बच्चे को उसका अधिकार, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य मिले। आइए, हम सब मिलकर ‘बाल विवाह मुक्त हरियाणा’ के संकल्प को साकार करें।”

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