Saturday, April 18, 2026
Newspaper and Magzine


श्रीगुरु हरराय साहिब जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि मानवता की सेवा करें तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें।

By LALIT SHARMA , in Politics SOCIAL , at March 14, 2026 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : सातवें सिख श्रीगुरु हरराय साहिब जी का जीवन करुणा, सेवा और प्रकृति संरक्षण का अद्वितीय संदेश देता है। गुरु हरराय साहिब जी का जन्म 16 जनवरी 1630 को कीरतपुर साहिब में हुआ था। वे छठे गुरु श्री हरगोविन्द जी के पौत्र थे और वर्ष 1644 में मात्र 14 वर्ष की आयु में गुरुगद्दी पर विराजमान हुए।

श्रीगुरु हरराय साहिब जी ने मानव सेवा के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा को विशेष महत्व दिया। उन्होंने औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों के विशाल बाग विकसित किए तथा ज़रूरतमंदों के लिए औषधालय स्थापित किए। उनका मानना था कि प्रकृति ईश्वर की अमूल्य देन है और इसकी रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रीगुरु हरराय साहिब जी का यह संदेश विशेष रूप से प्रेरणादायक है। इस अवसर पर सुरेश भैया जोशी ने समाज को संदेश दिया कि इस दिन को हर वर्ष व्यापक रूप से मनाया जाए और प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने स्वयं भी इस अवसर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर उन्होंने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस प्रदर्शनी को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है—

1. हरियाणा के प्रेरणा देने वाले महापुरुष

2. भगवद्गीता पर आधारित प्रदर्शनी

3. सरस्वती नदी से संबंधित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति

4. श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर उनके जीवन और बलिदान पर आधारित हस्तनिर्मित (हैंड-पेंटेड) प्रदर्शनी

श्रीगुरु हरराय साहिब जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा, करुणा और प्रकृति के प्रति सम्मान के साथ हम समाज और मानवता की सेवा करें तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें।

इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में हरियाणा में संघ को जीवन देने वाले महापुरुषों के योगदान को भी दर्शाया गया है।

Comments