पानीपत के योग सहायक भविष्य में हरियाणा के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे : जगदीप आर्य
पानीपत बना योग जागरूकता का केंद्र, सहायकों को मिला विशेष प्रशिक्षण : गजेंद्र सलूजा
आयुष विभाग का भव्य समापन समारोह, योग क्रांति का संकल्प
15 दिवसीय योग प्रशिक्षण में घर-घर योग पहुंचाने का लक्ष्य
हरियाणा में योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान
BOL PANIPAT , 16 अप्रैल। स्थानीय सेक्टर- 6 में 15 दिवसीय योग एवं आहार चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को भव्य समापन हो गया। योग का यह कार्यक्रम 2 अप्रैल से 16 अप्रैल तक लगातार जारी रहा।जिसमें जिले भर के योग सहायकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि गजेन्द्र सलूजा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में हरियाणा योग आयोग पंचकूला के चेयरमैन जयदीप आर्य रहे।
कार्यक्रम में गजेन्द्र सलूजा ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल योग के प्रति अत्यंत सजग हैं और उनका सपना है कि योग को घर-घर एवं गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि योग सहायकों के माध्यम से प्रदेश में एक नई योग क्रांति लाई जा सकती है।
इसमें पानीपत की अहम भूमिका होगी।
हरियाणा योग आयोग पंचकूला के चेयरमैन ने कहा कि हरियाणा में योग केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जन-आंदोलन बनता जा रहा है। योग सहायकों की यह नई पीढ़ी प्रदेश के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि पानीपत के प्रशिक्षित योग सहायक आने वाले समय में पूरे हरियाणा के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे और योग को जन-जन तक पहुंचाने में सफल होंगे।
उन्होंने कहा कि
हरियाणा योग आयोग के गठन एवं योग सहायकों की नियुक्ति में कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने योग के क्षेत्र में शोध एवं नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले प्रोफेसर शैलेश प्रधान एवं डॉ. अंशुमन आर यादव की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से योग सहायकों को नई दिशा मिली है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा प्रो. शैलेश प्रधान को शाल एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि जयदीप आर्य द्वारा डॉ. अंशुमन आर यादव को भी सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री महिपाल बंसल ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें पौधा भेंट किया। उन्होंने बताया कि एक माह बाद प्रशिक्षण के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए बैठक आयोजित की जाएगी और योग सहायकों को अपने क्षेत्र में सीखी गई विधियों को लागू करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर योग सहायकों ने गुरु-दक्षिणा स्वरूप प्रशिक्षकों को भेंट देकर सम्मान प्रकट किया।

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