दूसरों की जिंदगी बचाने वाला व्यक्ति होता समाज का सच्चा नायक: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
संकट में मदद के लिए आगे आना सबसे बड़ा मानव धर्म
जान पर खेलकर पांच जिंदगियां बचाने वाले सचिन को उपायुक्त ने प्रशंसा पत्र देकर किया सम्मानित
मानवता की मिसाल बना सचिन, डूबते परिवार को बचाकर जीता सबका दिल
साहस और सेवा का सम्मान, ऐसे युवा समाज की सबसे बड़ी ताकत
BOL PANIPAT , 7 मई। मानवता, साहस और सेवा भावना की अनूठी मिसाल पेश करने वाले नारायणा निवासी सचिन को जिला प्रशासन की ओर से गुरुवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया और उसके अदम्य साहस की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर भाजपा नेता कृष्ण छौक्कर किवाना भी उपस्थित रहे।
विदित रहे कि सचिन ने 22 मार्च 2026 को अपनी जान की परवाह किए बिना वेस्टर्न यमुना लिंक नहर में डूब रही कार में फंसे एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान बचाकर मानवता का परिचय दिया था। इस साहसिक कार्य के बाद पूरे क्षेत्र में सचिन की बहादुरी की चर्चा हो रही है। जिला प्रशासन ने भी इस नेक कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें सम्मानित किया।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग कई बार किसी संकटग्रस्त व्यक्ति की मदद करने से भी पीछे हट जाते हैं, वहीं सचिन जैसे युवा मानवता की सच्ची मिसाल बनकर सामने आते हैं। उपायुक्त ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना बहुत बड़ा साहसिक कार्य है और यह केवल वही व्यक्ति कर सकता है जिसके भीतर संवेदनशीलता और इंसानियत जिंदा हो।
उपायुक्त डॉ.दहिया ने कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। सचिन ने जिस साहस और नि:स्वार्थ भावना के साथ पांच लोगों की जिंदगी बचाई, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। ऐसे युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। यह सम्मान केवल सचिन का नहीं बल्कि उस मानवीय सोच का सम्मान है, जो दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए खुद की परवाह नहीं करती। हमें गर्व है कि हमारे जिले में ऐसे साहसी और संवेदनशील युवा मौजूद हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन हमेशा ऐसे लोगों को सम्मानित करेगा जो समाज में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे समाज सेवा और मानवता के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। सम्मान मिलने के बाद सचिन ने कहा कि उस दिन जो कुछ हुआ, वह इंसानियत के नाते किया गया प्रयास था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कार को नहर में डूबते देखा तो बिना समय गंवाए पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने कहा कि उस घटना ने उन्हें जीवन में और अच्छा करने तथा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने की प्रेरणा दी है।
सचिन ने बताया कि मैंने वही किया जो उस समय एक इंसान होने के नाते जरूरी था। भगवान की कृपा से पांच लोगों की जान बच गई, यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। इस सम्मान से मुझे समाज के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली है। इस मौके पर जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य कृष्ण छोकर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने सचिन की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे युवा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं। जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस सम्मान ने न केवल सचिन के साहस को सम्मान दिया, बल्कि समाज में मानवता, सेवा और संवेदनशीलता के मूल्यों को भी नई मजबूती प्रदान की है।

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