सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजेगा आध्यात्मिक चेतना का संदेश : उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
पानीपत बनेगा आस्था का केंद्र, तैयारी पूर्ण
प्रधानमंत्री के संदेश से जुड़ेगा पानीपत, ऐतिहासिक देवी मंदिर में होगा भव्य आयोजन
हरियाणा सरकार का विशेष आयोजन : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जागेगा सांस्कृतिक गौरव
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया के मार्गदर्शन में तैयारियां पूर्ण, 11 मई को होगा ऐतिहासिक आयोजन
BOL PANIPAT , 9 मई। हरियाणा सरकार द्वारा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन 11 मई को ऐतिहासिक देवी मंदिर परिसर में प्रातः 8 बजे किया जाएगा। इस विशेष आयोजन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमनाथ के पावन तट से दिए जाने वाले संदेश का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिसमें भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर नई पहचान देने का संदेश रहेगा।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि कार्यक्रम में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज तथा समालखा विधायक श्री मनमोहन भड़ाना की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएगी।
जिला प्रशासन पानीपत एवं सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा द्वारा संयुक्त रूप से इस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि प्रत्येक नागरिक इस ऐतिहासिक पर्व का सहजता से हिस्सा बन सके।
उपायुक्त डॉ. विरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और भारतीय संस्कारों के प्रति सम्मान बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ सुनील बसताडा ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संदेश देशवासियों में आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा। ऐतिहासिक देवी मंदिर परिसर में आयोजित यह पर्व पानीपत के सांस्कृतिक इतिहास में एक नई पहचान स्थापित करेगा तथा सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रेरणास्रोत बनेगा।

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