बरसात में सतर्कता ही सुरक्षा: सांप के काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अपील: लापरवाही छोड़ें, सही इलाज अपनाकर बचाएं जीवन
बारिश के मौसम में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
समय पर उपचार ही बचाएगा जान: सर्पदंश से बचाव और उपचार को लेकर प्रशासन ने किया जागरूक
BOL PANIPAT , 5 अगस्त। बरसात के मौसम में सांपों के निकलने और सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बारिश के दिनों में खेतों, झाडिय़ों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा सुनसान स्थानों पर सांपों के निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में नागरिक पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने की बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक, टोने-टोटके अथवा घरेलू उपचार में समय नष्ट करना मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। समय पर चिकित्सा ही सर्पदंश से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने कहा कि सांप काटने के बाद प्रभावित स्थान पर किसी प्रकार का कट नहीं लगाना चाहिए, न ही मिर्च, मिट्टी या अन्य पदार्थ लगाएं। प्रभावित अंग को कपड़े या रस्सी से कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे रक्त प्रवाह बाधित होने का खतरा रहता है। मरीज को शांत रखते हुए जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है।
सीएमओ विजय मलिक के अनुसार अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन जहरीले सांप के काटने पर समय पर इलाज नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए बिना देर किए अस्पताल पहुंचना आवश्यक है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहती है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी है कि खेतों, घास-फूस, झाडिय़ों तथा ऐसे स्थानों पर जाते समय पूरे कपड़े और मजबूत जूते पहनें। रात के समय बाहर निकलते समय टॉर्च या बैटरी का प्रयोग करें। जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें। घास काटते समय, फल-सब्जियां तोड़ते समय तथा पेड़ों के नीचे सफाई करते समय डंडे का प्रयोग करें ताकि सांप पहले ही हट जाए।
विदित रहे कि सांप को पकडऩे, छेडऩे या मारने का प्रयास न करें। मरे हुए सांप को भी हाथ न लगाएं, क्योंकि उसके दांतों में विष मौजूद हो सकता है। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसे सुरक्षित निकल जाने दें। घरों के आसपास चूहों के बिल बंद रखें तथा साफ-सफाई बनाए रखें ताकि सांपों के आने की संभावना कम हो।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, बरसात के मौसम में प्रत्येक नागरिक की सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। किसी भी प्रकार के सर्पदंश की स्थिति में अफवाहों, झाड़-फूंक और घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचें। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। सभी लोग सावधानी बरतें, जागरूक रहें और दूसरों को भी सही जानकारी देकर जीवन बचाने में सहयोग करें।

Comments