Monday, April 27, 2026
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बाल विवाह निषेध पर रैली का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 28, 2023 Tags: , , , , , ,

BOL PANIPAT : आईबी  स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह निषेध पर रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ कालेज प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग व गर्वनिंग बॉडी के सदस्य रवि गोसाई ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली का आरंभ “बाल विवाह एक अपराध है” संकल्प से किया गया और इस रैली में सभी संकायों से लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्राचार्य डॉक्टर अजय कुमार गर्ग जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में विवाह संस्कार एक महत्वपूर्ण संस्कार एवं पवित्र बंधन है। विवाह संस्कार जैसे पवित्र बंधन की सबसे बड़ी विकृति और कुरीति बाल विवाह है। यह बच्चों का बचपन खत्म कर देता है। बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण पर नकारात्मक प्रभाव डालने के साथ-साथ उनके परिवार और समुदाय पर भी असर डालता है। बाल विवाह देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव के साथ-साथ पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को गरीबों की ओर धकेलता है । कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉक्टर पूनम मदान ने अपने संबोधन में कहा बाल विवाह को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सामाजिक भ्रांति और जन जागृति की आवश्यकता है। क्योंकि जो काम कानून से नहीं हो सकते वह काम आम लोगों के बीच जन जागृति करने से हो सकते हैं। इस कुप्रथा को रोकने के लिए सरकार के कानून नियम के साथ-साथ हमारी भी जिम्मेदारी होती है। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉक्टर किरण मदान ने अपने संबोधन में कहा कि अब इसको प्रथा को रोकने के लिए हमें लोगों में जागरूकता फैलाने होगी, उन्हें बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में भी बताना होगा। अशिक्षित लोगों को शिक्षित करने के साथ-साथ हमें प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। पास पड़ोस में अगर बाल विवाह हो रहा हो तो उसे रोकने के लिए उन्हें समझना चाहिए कि कम उम्र में शादी करने से लड़के और लड़कियों का पारिवारिक जीवन अच्छे से फल फूल नहीं सकता। यह कुप्रथा देश और समाज के लिए अभिशाप है। आधुनिक भारत के जनक और ब्रह्म समाज के संस्थापक राजा राममोहन राय ने भी बाल विवाह रोकने के प्रयास किये। सरकार की ओर से भी कानून बनाकर इस कुप्रथा को रोकने के अनेकों प्रयास किए गए लेकिन यह कुप्रथा आज भी हमारे देश में प्रचलित है। इस रैली में छात्रों द्वारा “बाल विवाह अपराध है,लड़की के लिए श्राप है” “होने दो पहले उसका विकास ,शादी करके ना तोड़ो उसकी आस” आदि अनेकों नारो द्वारा  लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया ।इस अवसर पर डॉ निधि, डॉ राजेश, प्रोफेसर सुरेंद्र, प्रोफेसर खुशबू, प्रोफेसर राहुल, प्रोफेसर रेखा, प्रोफेसर मोहित आदि सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

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