Sunday, May 17, 2026
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कामरेड कार्ल मार्क्स की जयन्ती पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई।

By LALIT SHARMA , in Politics , at May 5, 2026 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : भगत सिंह स्मारक में दुनिया के महान चिंतक,विचारक, दार्शनिक,समाजवादी व साम्यवादी अंतर्राष्ट्रीय विचार धारा के जनक कामरेड कार्ल मार्क्स की जयन्ती पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का आयोजन सीपीआई की पानीपत जिला कौंसिल की ओर से किया गया , विचार गोष्ठी की अध्यक्षता सीपीआई के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप व कामरेड सतीश कुमार यादव ने की और संचालन सीपीआई के जिला सचिव पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने किया।
सीपीआई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप, पार्टी की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य राम रतन एडवोकेट,जिला सचिव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पवन कुमार सैनी एडवोकेट, आदि ने कार्ल मार्क्स के जीवन पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि दुनिया में गरीबी – अमीरी के सवाल पर बहुत सारे बुद्धिजीवियों, संतों ने चिंतन किया और गरीबी के कारण ढूंडने के अथक प्रयास किये। कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा कि कार्ल मार्क्स ने भी दुनिया को समझने में अपना पूरा जीवन लगा दिया और कार्ल मार्क्स इस नतीजे पर पंहुचे कि दुनिया भर के पूंजीपतियों ने मजदूरों को पूरा वेतन ना देकर मजदूरों का शोषण किया इसी के चलते गरीबी और अमीरी के बीच अंतर बढा है। वक्ताओं ने कहा कि मार्क्स ने दुनिया को बदलने का सिद्धांत दिया और लेनिन के नेतृत्व में रुस में हुई समाजवादी क्रांति के बाद मार्क्स के सिद्धांत पर चल कर ही लेनिन ने सोवियत संघ का निर्माण किया और दूसरे बहुत सारे आजाद हुए देशों ने भी मार्क्स के सिद्धांत पर चल कर ही अपने देशों में किसान एवं मजदूर वर्ग का चहुंमुखी विकास किया।
कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा कि आज जिस प्रकार दुनिया में दक्षिणपंथी, फासिस्ट ताकतें सत्ता का दुरुपयोग करके मेहनतकश जनता का शोषण करने के रास्ते पर चल रही है ऐसे समय में कार्ल मार्क्स एवं उनके विचारों की प्रासंगिकता और ज्यदा बढ गई है।
सीपीआई नेताओं ने कहा कि आज हमारे देश की सरकार मजदूरों, किसानों के अधिकारों पर हमले कर रही है और देश में बढ रही महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लाउडस्पीकर, बुलडोजर संस्कृति अपना रही है। आज देश की एकता, अखंडता की रक्षा करने एवं सम्प्रदायिक ताकतों से संघर्ष करने तथा मेहनत की लूट पर खडी़ पूंजीवादी व्यवस्था को ध्वस्त करके शोषणविहीन समाजवादी व्यवस्था कायम करने के लिए संघर्ष करने का संकल्प दोहरा कर ही कार्ल मार्क्स के जन्मदिन को मनाने की सार्थकता होगी।
गोष्ठी में एटक नेता भूपेन्द्र कश्यप,रामबीर कश्यप,भानु प्रताप सिंह, लक्ष्य सैनी, सनोवर राणा, जुनैद राणा, विजय माली,राधेश्याम, सतीश यादव, नवल किशोर आदि शामिल रहे।

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