शिक्षकों की लिखावट कौशल के विकास पर एक कार्यशला का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : 21 सितम्बर 2022, सैक्टर 13-17 में स्थित दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, पानीपत मे छात्रों के कल्याण के लिए शिक्षकों की लिखावट कौशल के विकास पर एक कार्यशला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय की प्रधानाचार्या विनीता कुमार तोमर की अध्यक्षता में रिसोर्स पर्सन गीता चुघ द्वारा किया गया। गीता चुघ सुलेख कौशल के लिए जानी जाती हैं। उनका उद्देश्य शिक्षकों को हस्तलेखन कौशल में प्रशिक्षित करना है ताकि ये छात्रों पर अपनी अच्छी छाप छोड़ सकें। भारत की आज़ादी की 75 वीं वर्षगांठ पर उन्होंने 75 स्कूलों के शिक्षकों को हस्तलेखन कौशल में प्रशिक्षित करने का संकल्प लिया है। रिसोर्स पर्सन ने छात्रों के लेखन कौशल में सुधार पर ज़ोर दिया। जब कोविड़ प्रतिबंधों के लंबे अंतराल के बाद स्कूल फिर से खुला, तो ज्यादातर छात्र कक्षा में लिखने से बचते रहे। ऐसी आदत छात्रों को परेशानी में डाल सकती है। छात्रों को अपनी लेखन आदतों को जल्द फिर से शुरू करना चाहिए ताकि उनका लेखन कौशल बरकरार रहे। उसने सभी लेखन तकनीकों का परिचय दिया और कहा कि लिखावट में सुधार से न केवल छात्रों का लेखन सुपाठय बनेगा, बल्कि उनके काम में आत्मविश्वास भी आएगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या विनीता कुमार तोमर ने शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए अतिथि का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि व्यक्ति की सुंदर लिखावट उसके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इंसान को कलाकार भी बना सकती हैं। व्यक्ति सुलेखक या लेखक भी बन सकता हैं। कुछ लोगों को भगवान ने एक अच्छी लिखावट उपहार में दी है लेकिन जो लोग ईश्वर प्रदत्त नहीं है उन्हें आशा नहीं खोनी चाहिए। हमें निरंतर अभ्यास करना चाहिए क्योंकि निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।

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