धान की सीधी बिजाई अपनाये. गिरते भू-जल स्तर को बचायें: डॉ. वजीर
BOL PANIPAT , 2 मई। हरियाणा सरकार द्वारा गिरते भू-जल को बचाने व कम पानी के प्रयोग द्वारा धान की खेती करने वाले जिलों में से 12 जिलों को धान की सीधी बिजाई के लिए चयनित किया गया है। इनमे पानीपत जिले को मुख्य रूप से चुना गया है ताकि पानीपत जिलें के किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके और गिरते भू-जल को बचाते हुए कम सिंचाई से पानी का सरंक्षण भी किया जा सकें।
*उप कृषि निदेशक डा0 वजीर सिंह ने बताया कि परम्परागत तरीके से धान की बिजाई करने की बजाय मशीन द्वारा धान की सीधी बिजाई विधि को अपनाये। इससे 25 से 30 प्रतिशत तक पानी की बचत सम्भव है। जिस पानी से किसान अन्य फसलों की सिचाई कर सकते है। इसके साथ-साथ ईंधन और मजदूरी पर होने वाले खर्चे को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है। विशेष तौर पर धान की सीधी बिजाई के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली मशीन पर भी कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के माध्यम से हरियाणा सरकार द्वारा 40000 रुपए प्रति मशीन सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है।
*उन्होंने बताया कि सरकार किसानों के फायदे के लिए हर पहलू पर नई-नई योजनाएॅं बनाकर लाभ पहुंचा रही है। किसानों को कृषि व किसान कल्याण विभाग की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि पानीपत के किसानों को अवगत करवाया जाता है कि इच्छुक किसान धान की सीधी बिजाई के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क करें तथा पूर्ण जानकारी हासिल कर धान की सीधी बिजाई में बढ-चढकर भाग लें।
हरियाणा सरकार द्वारा जारी हिदायतों अनुसार कृषि तथा किसान कल्याण विभाग को निर्देश दिये गये है कि प्रदेश के चयनित जिलों में कोई भी किसान कितने ही क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई मशीन द्वारा करता है तो उन सभी को 4000 रू0 प्रति एकड की वित्तीय सहायत दी जाए। जिला पानीपत में धान की सीधी बिजाई के लिए 15000 एकड का लक्ष्य दिया गया है तथा इसके साथ ही बिजाई में प्रयोग होने वाली मशीन का 30 का लक्ष्य दिया गया है।
जिला पानीपत में कृषि विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके अन्र्तगत अपने जिलें में किसानों को सीधी बिजाई पर 30 प्रशिक्षण शिविर लगाने का भी लक्ष्य दिया गया है।

Comments