कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खाद एवं कीटनाशक विक्रेताओं को दिया प्रशिक्षण
-केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल ने दिशा बैठक में डाला था प्रकाश
-प्रशिक्षण सत्र में विक्रेताओं को कृषि विभाग की गाइडलाइन के बारे में बताया गया
BOL PANIPAT , 2 सितंबर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग उप निदेशक डॉ आत्मा राम गोदारा और एसडीओ देवेंद्र कुहाड़ के मार्ग दर्शन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले के सभी खाद एवं कीटनाशक विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विक्रेताओं के लिए 1 सितंबर व 2 सितंबर को यहां आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता उप निदेशक (कृषि) श्री आत्मा राम गोदारा ने की।
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. देवेंदर कुहाड़ ने प्रशिक्षण सत्र में विक्रेताओं को कृषि विभाग की गाइडलाइन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विक्रेताओं को आवत किया कि वे मृदा स्वास्थ्य वार्ड के आधार पर ही किसानों को उर्वरक एवं कीटनाशक उपलब्ध कराएं, ताकि किसानों को उनके खेत की आवश्यकताओं के अनुसार सही खाद मिल सकें।
इस मौके पर डॉ. कुहाड़ ने विक्रेताओं को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण के महत्व के बारे में बताया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि जो भी किसान उर्वरक या व कीटनाशक खरीदने आएं, उनका पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पोर्टल पर पहले से है या नहीं यह भी सुनिश्चित करें।
उप निदेशक ने विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे स्टॉक रजिस्टर का सही तरीके से रख रखाव करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पीओएस मशीन का इस्तेमाल सभी विक्रेताओं द्वारा किया जाए, ताकि खाद की विक्री का पूरा विवरण सही तरीके से दर्ज हो सके और किसानों को पारदर्शी सेवा प्रदान की जा सके। इसके अतिरिक्त किसानों को हमेशा सही सलाह और मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि वे उर्वरक और कीट नाशको का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
उप निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों की भलाई और उनके लिए बेहतर, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक कृषि इनपुट वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया ताकि किसानों को सही समय पर और सही तरीके से उर्वरक और कीटनाशक मिल सकें। विदित रहे कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिशा समिति की बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी।
कैबिनेट मंत्री ने बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्देश दिए थे कि वे जिले के खाद एवं कीटनाशक विक्रेताओं को मृदा स्वास्थ्य वार्ड के आधार पर उर्वरक और कीटनाशकों के वितरण के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। यह कदम किसानों को उर्वरक और कीटनाशक की जानकारी देने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि वे अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड वा सही उपयोग कर सकें और कृषि उत्पादन में सुधार हो सकें। इस प्रशिक्षण में डॉ राजेश भारद्वाज, डॉ राधे श्याम गुप्ता (विषय विशेषज्ञ) अरविन्द (विषय विशेषज्ञा), डॉ अंकित दहिया (गुण नियंत्रक), डॉ राकेश (तकनीकी सहायक) भी प्रशिक्षण में शामिल रहे।

Comments