Tuesday, June 2, 2026
Newspaper and Magzine


फसल अवशेष जलाने वालों पर कृषि विभाग सैटलाइट व मोबाइल टीमों के माध्यम से बरत रहा निगरानी: उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 16, 2024 Tags: , , , ,

-फसल अवशेष जलाने वाले 7 व्यक्तियों पर हुई एफआईआर व 9 का हुआ चालान
-फसल अवशेष प्रबंधन के तहत 48 किसानों को उपलब्ध कराये गए बेलर
-15 नवम्बर तक मोबाइल टीमें जिले में बरतेंगी निगरानी

BOL PANIPAT , 16 अक्टूबर। कृषि एवं कल्याण विभाग किसानों में जागरूकता के साथ साथ पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगाने के लिए प्रतिबद्घ है। विभाग द्वारा पराली प्रबंधन को लेकर ठोस कदम उठाये जा रहे है। विभाग पराली जलाने की समस्या को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है। विभाग ने पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने में सफलता भी हासिल की है।
  उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि फसल अवशेष के जलाने के बाद उत्पन्न होने वाली गर्मी मिटटी में प्रवेश करती है जिससे परिणामस्वरूप नमी और उपयोगी रोगाणुओं का नुकसान होता है। वायु की गुणवता खराब होती है जिसका हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
  उपायुक्त ने बताया कि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को प्रशासन द्वारा साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी किसान धान की कटाई के बाद बचे अवशेषों को जलायेगा तो उसके खिलाफ सख्ताई से पेश आया जाएगा। सैटलाइट के माध्यम से फसल अवशेष जलाने वालों पर चौकसी बरती जा रही है। गांव व जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है जो लगातार निगरानी बरत रही है।
    उपायुक्त ने बताया कि सभी कमेटियां 15 नवम्बर तक फसल अवशेष जलाने वालों पर निगरानी बरतेंगी। जरूरत पडऩे पर इस तिथि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। हरियाणा सैटलाइट अपलीकेशन सैंटर हिसार द्वारा 3 सैटालाइट लगे हुए है जो फसल अवशेष जलाने वालों पर निगरानी बरत रहे है।
  उपायुक्त ने बताया कि अभी तक 24 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सामने आई है। जिनमें 10 समालखा उपमंडल, 4 इसराना उपमंडल, 4 पानीपत, 2 बापौली व 4 मतलौडा के नाम शामिल है। विभाग द्वारा 7 एफआईआर भी दर्ज की गई है व 9 पर चालान भी किया गया है।
  उपायुक्त ने बताया कि जिले में 10 मोबाइल टीमें फिल्ड में अपना कार्य कर रही है जो किसान विभाग की गाइड लाइन के विपरीत जाकर फसल अवशेष जलाने की कोशिश करते है उन पर देर सवेर कार्यवाही होना तय है।
  कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ देवेन्द्र कुहाड़ ने बताया कि सरकार उन किसानों को प्रोत्साहित कर रही है जो किसान फसल अवशेष नहीं जलाते उन्हें इसी अवेज में एक एक हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते है। उन्होंने बताया कि जिले में 48 किसानों को बैलर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
  ये-ये कमेटियां बरत रही अवशेषों जलाने वालों पर निगरानी
जिला स्तर
अतिरिक्त आयुक्त पुलिस विभाग, जिला राजस्व अधिकारी, डीडीपीओ, उपनिदेशक कृषि विभाग, क्षेत्रीय ऑफिसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
उपमंडल स्तर
डीएसपी पुलिस विभाग, संबंधित विभाग तहसीलदार, एसडीएओ/ एपीपीओ/एसएमएस/एएई, एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण विभाग।
खंड स्तर
बीडीपीओ, नायब तहसीलदार, एसएचओ, बीएओ।
गांव स्तर
एडीओ/ बीटीएम/ एटीएम/ सुपरवाइजर/ राजस्व पटवारी /पंचायत सचिव/ पुलिस प्रतिनिधि के अलावा संरपच और नम्बरदार के नाम शामिल है।

Comments