Saturday, April 25, 2026
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एमए अर्थशास्त्र की तीन होनहार छात्राओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में किया दूसरे/ चौथे और पांचवें स्थान पर कब्ज़ा

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at December 6, 2022 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की छात्राओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर मचाया धमाल

तीनो छात्राएं विवाहित, प्रत्येक का छोटा बच्चा, परिवार की और बच्चे के प्रति जिम्मेदारी के साथ कठिन परिश्रम से शैक्षणिक मुकाम हासिल किया

BOL PANIPAT , 06 दिसम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की तीन होनहार एवं प्रतिभाशाली छात्राओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की एमए इकोनॉमिक्स द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में मेरिट लिस्ट में दूसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर कब्जा कर कॉलेज और जिले का नाम रोशन किया. सोनिया
ने दूसरा, सुनीता ने चौथा और कांता ने पांचवां स्थान पाकर एमए अर्थशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के अन्य सभी कालेजों को पीछे छोड़ते हुए यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट में जगह बनाई. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी. एसडी पीजी कॉलेज के प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और अर्थशास्त्र विभाग से प्रो सविता पूनिया, प्रो सुषमा दहिया, प्रो. रेखा गुप्ता, प्रो शीला अहलावत, प्रो ज्योति, प्रो ऋतु ने सभी छात्राओं की भरपूर प्रशंसा की और उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया. अर्थशास्त्र में एमए कोर्स के शुरू होने से जिले और राज्य के विद्यार्थींयों को बहुत लाभ मिला है.
अपने आशीर्वचन में प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की कॉलेज के एमए इकोनॉमिक्स के छात्र बहुत ही होनहार है और उनसे अच्छे प्रदर्शन की सैदव उम्मीद रहती है. सोनिया, सुनीता और कांता ने एमए अर्थशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में अपनी मेहनत और लगन के बल पर विश्वविधालय में ये स्थान पाए है. एमए अर्थशास्त्र विषय को पढने और समझने के फायदे भविष्य में इन छात्राओं को मिलेंगे. कॉलेज यदि खेल-कूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में अव्वल है तो शैक्षणिक गतिविधियों में भी इसका कोई सानी नहीं है. यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में एक ही कॉलेज द्वारा तीन स्थान पाना कोई
साधारण बात नहीं है. यह एक विलक्षण अपलब्धि है जिससे कॉलेज में उत्सव का माहौल है. इस उपलब्धि का श्रेय अर्थशास्त्र विभाग के सभी प्राध्यापकों और एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी को जाता है. अर्थशास्त्र हमेशा एक प्रासंगिक एवं संभावनाओं से भरपूर विषय रहा है. इकोनॉमिक्स विषय में निपुणता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के लिए कैरियर में बहुत सारे विकल्प मौजूद है. स्कूलों, कॉलेजों, निजी एवं सरकारी कंपनियों में वाणिज्य के विशेषज्ञों के लिए प्रचुर संभावनाए मौजूद है. अर्थशास्त्र के बिना सरकारी या निजी किसी भी क्षेत्र में किसी भी योजना-परियोजना का प्रारूप तैयार करना और उसे कामयाब करना संभव नहीं है. नीति आयोग द्वारा नीति निर्धारण करना या फिर विश्व बैंक की योजनाओं को लागू करना, अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों के बिना किसी भी स्तर पर एक कदम भी आगे बढ़ पाना असंभव है. किसी भी देश की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत होगी जब उस देश की आर्थिक नीतियां बेहतर ढंग से संचालित होंगी और यही वजह है कि भारत में अर्थशास्त्र एक आकर्षक रोजगार क्षेत्र के रूप में युवाओं को लुभा रहा है. पवन गोयल प्रधान एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि इन विद्यार्थियों ने दूसरे छात्र-छात्राओं को पढ़ने को लेकर नई दिशा दिखाई है. इनकी यह उपलब्धि दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का सबब बनेगी. एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर छात्र एवं छात्रा के उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यहाँ के विद्यार्थी नैतिक एवं व्यवहारिक शिक्षा पाकर समाज और मानवता की सेवा करे यही उनकी कामना है. अर्थशास्त्र के क्षेत्र में आजकल अपार संभावनाए है. अर्थव्यवस्था और अर्थशास्त्र के बिना कुछ भी संभव नहीं है.
सोनिया, सुनीता और कांता ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट में जगह बनाने का कारण सही दिशा का ज्ञान होना है और इसमें सबसे बड़ी भूमिका हमारे परिवार और प्राध्यापकों की है. हम तीनों विद्यार्थी शादीशुदा है और हमारे खुद के बच्चे भी है. अध्ययन में अंतराल के बाद भी हम सभी ने एमए अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया और इस मिथक और धारणा को गलत साबित किया कि परिवार बसाने के बाद पढ़ाई नहीं की जा सकती है. कड़ी मेहनत, सामंजस्य और धैर्य से कुछ भी हासिल किया जा सकता है. सोनिया ने कहा कि ससुराल आकर उनके पति ने उन्हें दोबारा पढ़ने के लिए प्रेरित किया. सुनीता ने कहा कि उनकी ससुराल और मायके दोनों का उन्हें बराबर सहयोग मिला हैं. इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में प्रो रेखा गुप्ता, प्रो शीला अहलावत, दीपक मित्तल उपस्थित रहे.

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