हरियाणा में सभी रजिस्ट्री कार्यालय सुचारू रूप से कार्यरत — राजस्व विभाग का स्पष्टीकरण
BOL PANIPAT , 12 नवम्बर: हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कोई भी रजिस्ट्री सेवा बंद नहीं हुई है। सभी रजिस्ट्री कार्यालय पूर्ण रूप से कार्यरत हैं और नई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली, जो 1 नवम्बर 2025 से पूरे राज्य में लागू की गई है, सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
डीसी डाक्टर वीरेद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त आयुक्त, राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि मीडिया में आई रजिस्ट्री रुकने संबंधी खबरें भ्रामक और असत्य हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली को नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज़ और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
डॉ. मिश्रा के अनुसार, प्रणाली शुरू होने के बाद अब तक विभाग को 2,778 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 927 दस्तावेज़ों का सफल पंजीकरण हो चुका है, जबकि 495 आवेदनों की तिथि निर्धारित की जा चुकी है। 327 आवेदन अपूर्ण दस्तावेज़ों के कारण अस्वीकृत हुए हैं। शेष आवेदन सत्यापन प्रक्रिया में हैं और निर्धारित 5 कार्य दिवसों के भीतर निपटाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जनता और अधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कई सुधार किए गए हैं —
भूमि डेटा में त्रुटियों का संशोधन,
शहरी व ग्रामीण कॉलोनियों का डेटा अपडेट,
नगर निकायों से प्रोपट्री आई डी आधारित रजिस्ट्री,
और वैध कालोनियों को यूएलबी पोर्टल से जोड़ना शामिल है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि नई तकनीकी सुविधाएँ भी जोड़ी गई हैं:
पार्टनरशिप डीड की सीमा 500 से बढ़ाकर 10,000 अक्षर,दस्तावेज़ अपलोड सीमा 10 एमबी से बढ़ाकर 40 एमबी और त्रुटि को ठीक करना“” फीचर, जिससे नागरिक बिना अतिरिक्त शुल्क सुधार कर सकते हैं।
साथ ही, जीपीए रजिस्ट्री प्रक्रिया को भी और सरल बनाया गया है।
विभागीय निदेशक श्री यशपाल ने कहा कि मामूली नाम की त्रुटियों के कारण आवेदन अब अस्वीकृत नहीं होंगे और नागरिक अगले कार्य दिवस से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग नागरिकों के सुझावों का स्वागत करता है और निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

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