गलत जीएसटी बिल काटने पर एक करोड़ का जुर्माना लगाने की भय दिखाकर व्यापारी से 12 लाख रिश्वत मांगने वाला अधिकारी व प्राइवेट चार्टर्ड अकाउंटेंट गिरफ्तार.
BOL PANIPAT : राज्य चौकसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के द्वारा गुड्स एंड सर्विस टैक्स विभाग के सुपरीटेंडेंट व एक प्राइवेट चार्टर्ड अकाउंटेंट को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत अरेस्ट किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जीएसटी विभाग की टीम ने पानीपत के एक लघु उद्योग पर छापा मारकर वहां के बिलों में कुछ कमियां निकाली थी। लघु उद्योग व्यापारी द्वारा सभी आइटम पर अलग अलग दर पर जीएसटी लगाकर बिल काटे गए थे जबकि विभाग द्वारा सभी आइटम पर 12% जीएसटी न काटने पर कार्यवाही का भय दिखा कर एक करोड रुपए का जुर्माना लगाने की बात कही गई थी। सेटलमेंट के नाम पर जीएसटी विभाग के सुपरिंटेंडेंट द्वारा 12 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर मांगे गए थे। प्राइवेट चार्टर्ड अकाउंटेंट के जरिए पैसे अधिकारियों के पास पहुंच जाने थे। पहले दिन व्यापारी द्वारा तीन लाख रुपए दिए गए। शेष 9 लाख रुपए देने में असमर्थ व्यापारी ने तंग आकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मामले की शिकायत दे दी। शिकायत के पश्चात कार्यवाही करते हुए विभाग की करनाल एसीबी इंस्पेक्टर सचिन के नेतृत्व में आई टीम ने छापेमारी कर चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज खुराना व जीएसटी विभाग के अधिकारी सुपरीटेंडेंट प्रेम राज मीणा को अरेस्ट किया है। पहले दिन दी गई 3लाख रुपए की राशि सुपरीटेंडेंट प्रेम राज मीणा से बरामद की गई है इसके अलावा अन्य 50 हजार की राशि भी सुपरीटेंडेंट से बरामद की गई है जिसके बारे में जांच की जा रही है। वही आज दी गई राशि सात लाख रुपए चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज खुराना से बरामद की गई है। चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज खुराना व जीएसटी विभाग के अधिकारी प्रेमराज मीना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा। इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि इस मामले की व्यापक स्तर पर जांच की जाएगी और जो भी अन्य अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में शामिल होगा उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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