विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन पर किवाना और कुराड़ गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर
स्तनपान से शिशु का मजबूत स्वास्थ्य, माताओं को दी पोषण व आयुर्वेदिक देखभाल की जानकारी
120 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ, मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान
गर्भवती महिलाओं को बताए स्वस्थ मातृत्व के उपाय
स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधीय पौधों तक का लाभ, आयुष ग्रामों में ग्रामीणों को मिला नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श
स्तनपान से शिशु का मजबूत स्वास्थ्य, माताओं को दी पोषण व आयुर्वेदिक देखभाल की जानकारी
किवाना- कुराड़ में लगा नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर
BOL PANIPAT , 7 अगस्त। विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन अवसर पर आयुष विभाग की ओर से आयुष ग्राम किवाना एवं आयुष ग्राम कुराड़ में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं जागरूकता शिविर आयोजन किया गया। महानिदेशक आयुष हरियाणा, पंचकूला संजीव वर्मा के निर्देशानुसार तथा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राज कपूर की अध्यक्षता में आयोजित इन शिविरो में गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं सहित ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पोषण और आयुर्वेदिक जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। आयुष विभाग की ओर से आयोजित शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर किवाना और कुराड़ में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनिया एवं डॉ. अन्नू सैनी ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, प्रसव के बाद की देखभाल तथा स्तनपान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्तनपान कराने वाली माताओं को शिशु के लिए मां के दूध के महत्व, स्तनपान की सही प्रक्रिया तथा दूध की वृद्धि के लिए उपयोगी घरेलू एवं आयुर्वेदिक उपायों के बारे में बताया गया। योग सहायकों ने भी महिलाओं एवं ग्रामीणों को योगाभ्यास करवाया। गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रहने तथा सामान्य प्रसव के लिए उपयोगी योगासनों की जानकारी दी गई।
शिविर में स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। ग्रामीणों को संतुलित आहार, पोषण और ऋतु के अनुसार खान-पान अपनाने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं के संतुलित पोषण का सीधा प्रभाव मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। शिविर के दौरान फार्मासिस्ट प्रदीप एवं संगम द्वारा जरूरत के अनुसार मरीजों को नि:शुल्क आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की गईं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण तथा घर में प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीणों को नि:शुल्क औषधीय पौधे भी वितरित किए गए। लोगों को इन पौधों को अपने घर-आंगन में लगाने तथा उनके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। आयुष्मान आरोग्य मंदिर किवाना में सरपंच चैनपाल, पंचायत सदस्य आशीष तथा समाजसेवी मदन पाल मौजूद रहे। वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर कुराड़ में सरपंच प्रतिनिधि रोशन लाल उर्फ टिंकू देशवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दोनों स्थानों पर अतिथियों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करके किया गया। शिविर में 120 से अधिक महिलाओं व ग्रामीणों ने लाभ लिया। शिविर में किवाना एवं कुराड़ आयुष ग्राम की आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बुजुर्ग महिलाओं तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दोनों शिविरों में 120 से अधिक महिलाओं एवं ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच करवाकर चिकित्सकों से आवश्यक परामर्श प्राप्त किया।

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