Friday, August 7, 2026
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प्रशासनिक और वित्तीय नियमों की समझ को मजबूत करने वाली तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 7, 2026 Tags: , , , ,

सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन जरूरी: कार्यशाला में विशेषज्ञों ने समझाए सेवा नियम

सेवा नियमों से लेकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति और क्रय प्रक्रिया तक, अधिकारियों-कर्मचारियों को दी व्यावहारिक जानकारी

नियमों की सही जानकारी से प्रशासनिक कार्यों में आएगी पारदर्शिता और दक्षता: तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न

BOL PANIPAT , 7 अगस्त। स्थानीय दीनबंधु गुप्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में प्रशासनिक एवं वित्तीय विषयों पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) की शाखा डीटीसी, रोहतक द्वारा 5 से 7 अगस्त तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा संबंधी प्रशासनिक एवं वित्तीय नियमों की अद्यतन जानकारी प्रदान करना रहा। तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को हरियाणा सिविल सेवा नियम, वित्तीय प्रबंधन, अवकाश नियम, सेवा के दौरान वेतन एवं एसीपी नियम, वेतन निर्धारण, अनुशासन एवं अपील नियम, निलंबन संबंधी प्रावधान, चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति, क्रय प्रक्रिया तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान किया गया तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्हें नियमों की स्पष्ट एवं उपयोगी समझ विकसित कराई गई। कार्यशाला के तीसरे एवं अंतिम दिन के सभी तकनीकी सत्रों का संचालन वरिष्ठ हिपा सदस्य डॉ. ललित कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति नीति, क्रय प्रक्रिया तथा पाठ्यक्रम से संबंधित सामान्य प्रश्नों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन एवं नियमों के समुचित अनुपालन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। साथ ही, प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों को नियमों के अनुरूप प्रभावी ढंग से करने की जानकारी दी। कार्यशाला में हरियाणा के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

इनमें ईएसएचएम नीता, कुलदीप, सुनीता देवी, प्राचार्य राजबीर, उप-अधीक्षक सत्येन्द्र सिंह, सह-प्राध्यापक प्रदीप पाल, नीलम शर्मा, पूनम नांदल, उषा रानी, बलजीत सिंह, करतार सिंह, सुरेश कुमार, संदीप (सहायक प्राध्यापक), अमित कुमार (सहायक प्राध्यापक), सुषमा (सहायक प्राध्यापक, गणित), अभिषेक मोगा (सहायक प्राध्यापक, इतिहास) शामिल रहे। साथ ही, दीनबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय से डॉ. नरसिंह जांगड़ा, डॉ. सुमित्रा विज, डॉ. दीप्ति गाबा आदि ने भी कार्यशाला में सहभागिता की।

कार्यशाला के समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुभाष चंद्र जगलान ने कार्यशाला के सफलतापूर्वक आयोजन एवं समापन पर हिपा के सदस्यों तथा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशासनिक एवं वित्तीय नियमों की सही एवं अद्यतन जानकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे सरकारी कार्यों को नियमों के अनुरूप, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपादित करने में सहायता मिलती है। समापन अवसर पर हिपा के सदस्यों तथा महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण नियमों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की।

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