पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, नौल्था (पानीपत) में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशे के विरुद्ध जागरूकता
लोकमान्य तिलक एवं अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पर विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
“नशा है नाश, करो विश्वास: नशा होता अच्छा तो माँ कहती—खा ले मेरे बच्चा” – डॉ. अशोक कुमार वर्मा
BOL PANIPAT , 23 जुलाई। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, नौल्था (पानीपत) में नशे के विरुद्ध व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार नरवाल ने की। कार्यक्रम का आयोजन भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक (जन्म: 23 जुलाई 1856) तथा अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद (जन्म: 23 जुलाई 1906) की जयंती के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर उनके राष्ट्र प्रेम, साहस, आत्मबल और युवाओं के लिए प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिन महापुरुषों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया, उनके सपनों का भारत तभी साकार होगा जब युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र को भी कमजोर करता है। यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो देश का भविष्य सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों, परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। डॉ. वर्मा ने काव्य और गायन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “नशा है नाश, करो विश्वास; नशा होता अच्छा तो माँ कहती—खा ले मेरे बच्चा। यदि नशा होता अच्छा तो पिता कहता—ले थोड़ी-सी पी, क्यों करता है चिंता, अपनी जिंदगी जी।” उन्होंने कहा कि वास्तव में ऐसा कभी नहीं हो सकता, क्योंकि नशा जीवन को बर्बादी की ओर ले जाता है। उन्होंने नशे के चक्रव्यूह की व्याख्या करते हुए कहा कि “नशा शौक से आरम्भ होता है और उसका अंत शोक पर होता है। शौक और शोक में केवल एक मात्रा का अंतर है।” उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तत्परता से कार्य कर रही हैं, किंतु जागरूकता के अभाव में नशा तस्कर अपने स्वार्थ के लिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार नरवाल ने हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा संचालित जनहितकारी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने “नशामुक्त भारत” के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने का वचन दिया। कार्यक्रम में विद्यालय के 560 छात्र-छात्राओं, 30 शिक्षकों तथा 35 अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आमजन से अपील की कि नशे की बिक्री, तस्करी अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 अथवा 9050891508 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। कार्यक्रम के पश्चात विद्यालय के प्रांगण में पौधारोपण किया गया।

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