आर्य केंद्रीय सभा ने मनाया ऋषि निर्वाण दिवस समारोह।
BOL PANIPAT: 10 नवम्बर, जब भारतवर्ष अज्ञान के अंधेरों में भटक रहा था तथा धर्म के नाम पर नाना प्रकार के आडम्बर समाज में व्याप्त थे तब देव दयानंद ने हमे वेदों का पाठ पढ़ाया । वेदों का प्रकाश दिखा विश्व में ज्ञान की दीपावली मनाई ये शब्द आर्य नरेश वैदिक ने आर्य समाज खेल बाजार में आर्य केंद्रीय सभा पानीपत द्वारा मनाए जा रहे महर्षि दयानंद निर्वाण दिवस पर मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए कहे ।
आर्य नरेश वैदिक ने कहा की आज ऋषि के बताए वेद मार्ग को बचाए रखने तथा उसे बढ़ाने की चुनौती है चूंकि वैदिक धर्म पर जिहाद तथा धर्म परिवर्तन के रूप में चौतरफा हमले हो रहे है।
उन्होंने कहा की महऋषि ने ,ने केवल वेद प्रचार किया अपितु स्वतंत्रता आंदोलन को भी बढ़ावा दिया जिसकी वजह से आज हम स्वतंत्र है। सर्वप्रथम युवा वैदिक विद्वान रणबीर शास्त्री जी ने वैदिक मंत्रों से आहुति दिलाकर यज्ञ करवाया. नवीन गाबा व संध्या गाबा आदित्य डावर व मोनिका डावर ज्योति ठकराल शक्ति ठकराल एवं राज रानी व किशोर कुमार मुख्य यजमान रहे. कार्यक्रम का शुभारंभ श्री कश्मीरी लाल अरोड़ा एवं कमलेश अरोड़ा ने ध्वजारोहण कर के किया। बिजनौर से आये भीष्म आर्य ने ऋषि महिमा के मधुर भजन गाए. मुख्य अतिथि के रूप में अंजू गेरा ( प्रधान इनर व्हील क्लब सेंट्रल )ने शिरकत की. विशिष्ठ अतिथि के रूप में शकुंतला शिंगला व श्री भगवान शिंगला उपस्थित रहे। मंच संचालन रमेश बजाज ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य समाज खैल बाज़ार के कार्यकर्ता प्रधान आत्म आर्य ने की। अपने धन्यवाद ज्ञापन में आर्य केंद्रीय सभा की प्रधान बेला भाटिया ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सब का धन्यवाद करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वी जन्म शताब्दी पर सब माताएं व बहने संकल्प करे की हम अपनी संतानों को संस्कारी बना कर देश व धर्म की उन्नति करेंगे। बेला भाटिया ने आगे कहा की जिस वेद रूपी दीपक के लिए महर्षि देव दयानंद बलिदान हुए थे आर्य केंद्रीय सभा उस दीपक को सदैव प्रकाश मान बनाए रखने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा आज आर्य केंद्रीय सभा महर्षि को कोटि कोटि नमन करती है। शारदा बरेजा छोकर जी राकेश भाटिया अलका आहूजा गुलशन नंदा रजिंदर ज्योति अरोड़ा निशा शालिनी तथा ईश कुमार आदि उपस्थित रहे।

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