Monday, November 2, 2026
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पानीपत बस अड्डे पर चालक प्रशिक्षणार्थियों को नशे से दूर रहने और सडक सुरक्षा का दिया संदेश

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at November 2, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 2 नवंबर। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जनजागरण अभियान के अंतर्गत हरियाणा राज्य परिवहन के चालक प्रशिक्षण संस्थान, पानीपत बस अड्डे में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चालक प्रशिक्षणार्थियों एवं कर्मचारियों को नशे के दुष्परिणामों, इसके कारणों, बचाव के उपायों तथा सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, भारतीय पुलिस सेवा के दिशानिर्देशों तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, भारतीय पुलिस सेवा के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में नशे के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नशे के अवैध व्यापार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों तथा विभिन्न संस्थानों में निरंतर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित 49 चालक प्रशिक्षणार्थियों एवं 3 कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी निरीक्षक विरेन्द्र और संदीप विशेष रूप से उपस्थित रहे।

ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सचेत एवं जागरूक चालक को तीन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पहला—नींद पर नियंत्रण रखें और रात्रि में पर्याप्त विश्राम करें। दूसरा—क्रोध से बचें, क्योंकि क्रोध में लिया गया निर्णय दुर्घटना का कारण बन सकता है। तीसरा—नशे से पूर्णत: दूर रहें, क्योंकि नशे की अवस्था में वाहन चलाना स्वयं तथा अन्य लोगों के जीवन को संकट में डालना है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शरीर और स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार की सुख-शांति, आर्थिक स्थिति और सामाजिक वातावरण को भी नष्ट करता है। नशे की लत व्यक्ति को अपराध तथा अन्य सामाजिक बुराइयों की ओर धकेल सकती है।

उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। प्रतिबंधित मादक पदार्थों के संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. वर्मा ने बताया कि स्वापक एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधित मादक पदार्थों को रखना, उनका सेवन करना, खरीदना-बेचना, परिवहन करना अथवा तस्करी करना गंभीर अपराध है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें तथा अपने मित्रों और साथियों को भी नशे से बचाने का प्रयास करें।

डॉ. वर्मा ने हुक्के एवं तंबाकू के बढ़ते सेवन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा इससे अनेक गंभीर रोग उत्पन्न होते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और सुरक्षित समाज के लिए तंबाकू एवं सभी प्रकार के नशे से दूरी आवश्यक है। सडक़ सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग सडक़ दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। वाहन चलाते समय चालक की थोड़ी-सी असावधानी भी किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है। इसलिए प्रत्येक चालक को यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ धैर्य, संयम और सजगता के साथ वाहन चलाना चाहिए।

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना 1933 पर देकर नशे के विरुद्ध अभियान में अपना योगदान देना चाहिए। समय पर दी गई सूचना किसी युवा का जीवन बचाने के साथ-साथ समाज को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित चालक प्रशिक्षणार्थियों एवं कर्मचारियों को नशे से दूर रहने, दूसरों को नशे से बचाने, यातायात नियमों का पालन करने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई गई।

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