जेजेबी व पॉस्को एक्ट को लेकर जागरूकता अभियान में लानी होगी तेजी: जेजेबी के प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा
-बच्चों के शोषण के मामले आते अपराधिक श्रेणी में: डीएसपी सतीश वत्स
-जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड व प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फरॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस ऐक्ट पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का किया आयोजन
-पुलिस विभाग को अपनी जिम्मेदारी और दायित्व का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा: सीडब्लयूसी चेयरमैन पदमा रानी
BOL PANIPAT , 6 फरवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वाधान में गुरूवार को जिला सचिवालय के तृतीय तल पर स्थित पुलिस सभागार में की अध्यक्षता में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड व प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फरॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस ऐक्ट को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस विभाग, सीडब्ल्यूसी, एनजीओ के सदस्यों ने भाग लिया व जेजेबी एक्ट व पॉस्को पर और बेहतर तरीके से कैसे कार्य किया जाएं सुझाव दिए व इनके ओर मजबूती से लागू होने में आ रही परेशानियों को लेकर विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण शिविर में प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड व प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फरॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस ऐक्ट को लेकर जनता को जितना ज्यादा हो सके जागरूक करने की जरूरत है। जब तक बच्चों में जागरूकता नहीं आएगी हमारे प्रयास सार्थक नहीं होंगे। हमें इस पर ओर गंभीरता से कार्य करना होगा।
प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट ने कहा कि पुलिस बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस विभाग की अहम जिम्मेदारी बनती है। विभाग द्वारा निश्चित समय अवधि में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए। उनकी देरी से रिपोर्ट को रदद भी किया जा सकता है। उन्होंने इन मामलों में गहनता से जांच करने का भी अधिकारियों को सुझाव दिया।
पुलिस विभाग के डीएसपी सतीश वत्स ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड व प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फरॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस ऐक्ट को लेकर जानकारी दी। उन्होनें कहा कि बच्चों को भीख मंगवाना,उनके अंग काटकर श्रम करवाना, उनका शोषण करना, अपराध की श्रेणी में आता है। इस पर आरोपी को सविंधान की अलग अलग धाराओं के तहत कई साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशिक्षण में सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन पदमा रानी ने कहा कि बच्चों की संरक्षण के लिए ओर देखबाल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मामले में हमें अपनी जिम्मेदारी और दायित्व का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा। विशेष तौर पर पुलिस विभाग को इसमें अपनी विशेष भूमिका निभानी होगी। उन्होंने बच्चों को लेकर दी जा रही सुविधाओं पर प्रकाश डाला व उनकी कुछ समस्याएं भी शिविर में रखी।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी परविंदर कौर व जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता ने भी जेजेबी और पॉस्को पर अपनी राय साझा की व विस्तार से इन पर और ध्यान देने का पुलिस विभाग से अनुरोध किया। इस मौके पर जेजेबी मैंबर मालती अरोड़ा, एलपीओ सुमन, मैबर हरिदास के अलावा पुलिस विभाग व संस्था के सदस्य मौजूद रहें।

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