“नए हिट एंड रन कानून और आपराधिक मामलों में महिलाओं की सुरक्षा” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत मे महिला प्रकोष्ठ एवं कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “नए हिट एंड रन कानून और आपराधिक मामलों में महिलाओं की सुरक्षा” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरम्भ में प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक व महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. सीमा व कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. निधि के द्वारा तुलसी का पौधा भेंट कर मुख्यवक्ता एडवोकेट अर्पिता सिंगला का स्वागत किया |
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को हाल ही में लागू किए महिलाओं सम्बंधित आपराधिक नए हिट एंड रन कानूनों के बारे में जानकारी देना और यह स्पष्ट करना था कि ये कानून महिलाओं की सुरक्षा और समाज में उनके प्रति सम्मान को कैसे और अधिक मजबूत बना सकते हैं।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एडवोकेट अर्पिता सिंगला ने विद्यार्थियों को बताया कि न्याय प्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से आपराधिक कानूनों में परिवर्तन किए गए है | जिसमे समय पर न्याय प्रदान करनेम पीड़ित केन्द्रित दृष्टिकोण, लैंगिक तटस्थता और “महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधो के लिए कड़े दंड पर ध्यान केन्द्रित किया गया है |
महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की संवेदनशीलता का आईना है। जब तक समाज खुद महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए जागरूक नहीं होगा, तब तक कोई भी कानून पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकता। नए हिट एंड रन कानून अपराधियों को कठोर दंड देकर निवारक की भूमिका निभाएँगे, लेकिन इसके साथ ही नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि प्रशासन, न्याय व्यवस्था और समाज मिलकर इन प्रावधानों को सख्ती से लागू करें, तो निश्चित रूप से महिलाओं के भीतर सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना और अधिक प्रबल होगी।”
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने कहा कि “आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिदिन महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाएँ केवल कानूनी समस्या ही नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती भी हैं। जब तक युवाओं में कानूनी साक्षरता और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित नहीं होगी, तब तक महिलाएं स्वतंत्र रूप से आगे नहीं बढ़ पाएँगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी न केवल अकादमिक रूप से उत्कृष्ट हों, बल्कि सामाजिक रूप से जागरूक और कानूनी रूप से सशक्त भी बनें।”
महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. सीमा ने कहा कि “महिलाओं और युवाओं को आत्म-संयम, सुरक्षा जागरूकता और कानूनी अधिकारों की जानकारी देना आज की मांग है। नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधो की जाँच को प्राथमिकता दी गई है | इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।”
कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. निधि ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ कानूनी सुरक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। हिट एंड रन कानून महिलाओं से संबंधित आपराधिक कानून की जानकारी इस दिशा में महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच साबित होंगे।”
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय द्वारा एडवोकेट अर्पिता सिंगला को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित व धन्यवाद किया गया | कार्यक्रम का संचालन प्रो. खुशबू द्वारा किया गया । उन्होंने वक्ताओं का स्वागत किया, कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और पूरे आयोजन को अनुशासित वातावरण में संपन्न कराया।
इस अवसर पर दोनों प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. सुनीता ढांडा, प्रो.कनक, डॉ. मोनिका, डॉ.भगवंत कौर, प्रो. करुणा, प्रो.आकांक्षा शर्मा, प्रो. सोनिया,प्रो. रेखा, प्रो. अंशिका एवं डॉ. वसुंधरा की सक्रिय सहभागिता रही।

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