राजकीय औद्योगिक संस्थान और वैश्य कन्या महाविद्यालय में नशे के विरुद्ध किया जागरूक
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो नशे को रोकने के लिए कृतसंकल्प- उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार
BOL PANIPAT : समालखा/पानीपत। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह के दिशानिर्देशों एवं पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन , पुलिस अधीक्षक सुश्री नीतिका गहलोत भापुसे, पुलिस अधीक्षक सुश्री पंखुड़ी कुमार के आदेशानुसार हरियाणा को नशा मुक्त करने के लिए दो प्रकार से कार्य किया जा रहा है। सबसे पहले नशे के कारोबार में संलिप्त अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने का कार्य हो रहा है। दूसरा नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से परिचित कराया जा रहा है। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा हरियाणा राज्य के अलग अलग शहरों और गाँव में जाकर नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हैं। इस कड़ी आज राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान महिला समालखा में एक दिवसीय 58 वां और वैश्य कन्या महाविद्यालय समालखा में 59 वां नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। दोनों स्थानों पर प्रयास इंडिया के सदस्य विनोद शर्मा और राजेश कौशिक साथ रहे। अलग अलग स्थानों पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा भारत को नशा मुक्त करने के लिए कड़े संज्ञान लिए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार द्वारा भी 25 अगस्त 2020 को हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो का गठन इस आशय से किया गया। हरियाणा पुलिस और ब्यूरो द्वारा पिछले वर्ष नशा तस्करों के विरुद्ध 3823 अभियोग अंकित कर 5460 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इतना ही नहीं 87 नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया है। इसके साथ ही भारत सरकार और हरियाणा सरकार नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रमों से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही है क्योंकि पुलिस नशे की सप्लाई अर्थात आपूर्ति को पूर्ण रूप से तब रोक पाएगी जब मांग अर्थात डिमांड नहीं होगी। डिमांड अर्थात मांग को कम करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम बहुत आवश्यक है। उन्होंने दो कविताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया। प्रथम नशा मुक्त हो भारत मेरा ऐसी सोच बनानी है। नशे में ग्रस्त हो चुकी युवा पीढ़ी मिलकर सबको बचानी है। डॉ. वर्मा द्वारा दूसरी भी स्वरचित कविता गायन के माध्यम से विद्यार्थियों को सुनाई गई। इस कविता ने विद्यार्थियों के हृदय को झकझोर के रख दिया जिसके बोल थे नशा कोई करने से बुरा है नशे का व्यापार करना। ऐसे पाप की कमाई से तो अच्छा है परिश्रम करके पेट भरना। कार्यक्रम स्थल पर तालियों की ध्वनि निरंतर बजती रही। उन्होंने आगे कहा कि नशा यदि अच्छा होता तो सबसे पहले माँ कहती खा ले मेरे बच्चा। नशा होता अच्छा तो पिता कहता ले थोड़ी से पी ले, क्यों करता है चिंता अपनी जिंदगी जी ले। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से शपथ ग्रहण करवाई कि वे जीवन में कोई नशा नहीं करेंगे। यदि कोई नशीला पदार्थ आदि बेच रहा है तो इसकी सूचनाएं 9050891508 पर देंगे। नशा छोड़ने वाले भी इस पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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