साइबर अपराधियों से हर पल रहें अलर्ट, साइबर अपराध में जागरूकता ही बचाव. सतर्क रहकर अपना पैसा बचाए.
साइबर अपराध से आमजन को बचाने के लिए जिला पुलिस ने जारी की एजवाइजरी.
BOL PANIPAT : 14 अक्तूबर 2024, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि तकनीकी के इस युग में ऑनलाइन प्रणाली का प्रचलन बढ़ा है, इसके साथ ही साइबर अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही है। साइबर ठग ऑनलाइन प्रणाली में सेंधमारी कर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता बेहतर उपाय है। साइबर ठगी से बचाने के लिए जिला पुलिस द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियान चला कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों से हर पल अलर्ट रहें, साइबर अपराध में जागरूकता ही बचाव है, सतर्क रहकर अपना पैसा बचाए।
उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भी लोगों को डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी से बचने के मार्गदर्शन में दो पुस्तिकाएं क्रमश: “BE(A)WARE” एवं RAJU & The Forty Thieves प्रकाशित की हैं। उक्त पुस्तके भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। जिसका लिंक BE(A)WARE:https://rbidocs.rbi.org.in है। उक्त पुस्तकों में साइबर अपराध व इससे बचाव के बारे में विस्तार पूर्ण जानकारी दी गई है। पुस्तक हिन्दी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
साइबर फ्राड से बचने के लिए निम्न बातों का रखे ध्यान:
- ऑनलाइन खरीदारी करते समय चैक करें वैबसाइट के यूआरएल मे एचटीटीपीएस हो न की खाली एचटीटीपी।
- अगर कोई अपरिचित व्यक्ति किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो एप्लीकेशन डाउनलोड ना करें। केवाईसी करने के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। तो ऐसा नहीं करें।
- एटीएम बूथ पर पैसे निकालते वक्त सावधान रहे, सजग रहें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे। कोई भी व्यक्ति कभी भी किसी एटीएम बूथ से कार्ड के द्वारा ट्रांजैक्शन करें तो अपना पिन किसी को ना बताए ना दिखाएं।
- ट्रांजैक्शन करने में असमर्थ होने पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सहायता ना लें।
- एटीएम से पैसे निकालने में कभी मदद लेनी पड़े तो केवल बैंक के कर्मचारियों या एटीएम बूथ में मौजूद गार्ड की सहायता लें।
- किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी एवं कार्ड पर पीछे लिखे 3 डिजिट के सीवीवी नंबर को किसी के साथ शेयर ना करें।
- धोखाधड़ी होने की स्थिति में बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर अपने बैंक को सूचित करें।
- ऑनलाइन नेट बैकिंग इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि ट्रांजेक्शन हमेशा अपने पर्सनल कम्प्यूटर/लेपटाप या फोन पर करें।
- किसी अपरिचित नंबर से आपके पास फोन मैसेज या व्हाट्सएप मैसेज पर कोई लिंक या फोटो आए तो उस पर क्लिक ना करें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 या पर अपनी शिकायत दर्ज करायें या भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से जिसका URL- https://cybercrime.gov.in है पर शिकायत करें। इसके अतिरिक्त मैनुअल रूप से साइबर क्राइम थाना या नजदीकी थाने में जाकर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क पर भी शिकायत कर सकते हैं।

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