नव संवत्सर मना कर अपनी संस्कृति पर गौरव करे : बेला भाटिया
आर्य केंद्रीय सभा ने मनाया नव संवत्सर व आर्य समाज स्थापना दिवस एवं रामनवमी समारोह.
आर्य समाज ने दिया समरस समाज का संदेश : सुशील सारवान
BOL PANIPAT : 22 मार्च, आर्य समाज ने समरस समाज का संदेश दिया जब देश में जात पात चरम पर थी । अस्पृश्यता की जड़ समाज में गहराई तक फैली तब आर्य समाज ने मनुर्भव का संदेश दे मानवता का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया ।ये शब्द जिला उपायुक्त सुशील सारवान ने आर्य केंद्रीय सभा के तत्वावधान में मनाए जा रहे आर्य समाज स्थापना दिवस व नव संवत्सर के अवसर पर आर्य समाज मॉडल टाउन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहे।
आर्य केंद्रीय सभा की प्रधान बेला भाटिया ने इस अवसर पर कहा की हम नव संवत्सर को मना कर अपनी संस्कृति पर गर्व करे।बेला ने बताया की नव संवत्सर ये याद दिलाता है की वैदिक गणना कितनी सटीक और वैज्ञानिक है जो करोड़ों वर्षों से चली आ रही है।
बेला भाटिया ने आगे कहा कि जब संसार अज्ञानता के अंधकार में डूबा हुआ था तब आज ही के दिन महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वारा आर्य समाज रूपी दीपक ने नई राह दिखाई। उन्होने सभी को आर्य समाज स्थापना दिवस तथा नव संवत्सर की बधाई व शुभकामनाएं दी।
कार्यकर्म की अध्यक्षता करते हुई आर्य समाज के प्रधान शशि चड्डा ने कहा कि आर्य केंद्रीय सभा ने नव संवत्सर तथा आर्य समाज स्थापना दिवस मना कर ऋषि मिशन को आगे बढ़ाने का बड़ा काम किया है।
यज्ञ ब्रह्मा आचार्य नंद किशोर शास्त्री ने वैदिक मंत्रों से आहुति दिलाकर यज्ञ करवाया
रविंद्र अहलावत व सुमित्रा ,संजीव मखीजा व कविता मखीजा ,अनुराग बतरा व सुधा बतरा एवं जगदीश व दर्शना मुख्य यजमान रहे
कार्यक्रम का शुभारंभ शशि मधोक (उपाध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा ) ने ध्वजारोहण कर के किया।
सहारनपुर से आयी बहन संगीता आर्या ने ऋषि महिमा के मधुर भजन गाए आचार्य सानंद ने समारोह में बोलते हुए कहा की महर्षि दयानन्द ने वेदों के प्रचार प्रसार में जीवन खपा दिया। महर्षि का उपदेश आज भी प्रासंगिक है।
विशिष्ठ अतिथि के रूप में सुशीला घनघस (मुख्याध्यापक राजकीय उच्च विधालय कैनाल कैंप ) रही. मंच संचालन रमेश बजाज ने किया
शारदा बरेजा शकुन्तला सिंगला सुनीता चन्द्र मोहन गुलाटी ईश्वर आर्य राकेश भाटिया बीरमती ज्योति कटारिया सुमेधा गुलाटी सुनीता चुग गुलशन नंदा कांता नागपाल राजेश चुघ आदि उपस्थित रहे

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