बाल विवाह रोकने के लिए हर वर्ग का सहयोग ज़रूरी : उपायुक्त
BOL PANIPAT , 18 फ़रवरी। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जिलाभर में महिला एवं बाल विकास विभाग व जिला बाल संरक्षण विभाग द्वारा शादियों के सीज़न में बाल विवाह पर रोक लगाने के उद्देश्य से महिलाओं को जागरुक किया जा रहा है। वहीं सरकार और प्रशासन के साथ-साथ समाज के हर वर्ग का भी सहयोग जरूरी है ताकि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की व 21 वर्ष से कम आयु के लड़के को नाबालिग माना जाता है। यदि उक्त आयु से कम आयु में विवाह किया जाता है तो यह गैर-जमानती अपराध है। ऐसा करने पर 2 साल तक की सजा और एक लाख रूपये तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के आयोजन से सबंधित आमजन बाल विवाह निषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, मजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर सूचना दें ताकि समय पर हस्तक्षेप करके बाल विवाह को रुकवाया जा सके।

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