Tuesday, June 2, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर एनएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा साइकिल रैली का आयोजन 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at June 3, 2023 Tags: , , , , ,

साइकिल ही रोग मुक्त, स्वस्थ्य और ऊर्जापूर्ण भारत का विकल्प है: डॉ अनुपम अरोड़ा 

BOL PANIPAT , 03 जून.

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एनएसएस कार्यकर्ताओं ने विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर साइकिल रैली का आयोजन किया गया जिसमे कॉलेज एनएसएस यूनिट्स के कार्यकर्ताओं के अलावा स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया और कॉलेज प्रांगण से जिला सचिवालय तक रैली निकाल कर समाज को जागरूक किया. रैली में आकर्षण का केंद्र प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग रहे जिन्होनें कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं के साथ साइकिल चलाई और प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने तथा पर्यावरण को बचाने का सन्देश दिया. साइकिल यात्रा में भाग ले रहे युवाओं को हरी झंडी दिखा कर डॉ अनुपम अरोड़ा ने पानीपत सचिवालय के लिए रवाना किया. कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया आदि ने भी इस साइकिल  यात्रा में छात्र-छात्राओं की अगुआई की. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा द्वारा लगाए गए नारों “साइकिल चलाओ, रोग भगाओ”, “साइकिल चलाओ, पर्यावरण बचाओ” और “साइकिल चलाओ, ट्रैफिक जाम हटाओ” के साथ जब साइकिल रैली के एनएसएस कार्यकर्ता जिला सचिवालय पहुंचे तो उनका उत्स्सह्वर्धन पानीपत जिले के नागरिकों ने किया. कॉलेज में वापिस आने पर उपस्थित जन-समूह भाव-विभोर हो गया और उनमे पर्यावरण बचाने को लेकर नयी उमंगो का संचार हुआ. विदित रहे कि प्रत्येक वर्ष 3 जून को दुनिया भर में विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है जिसका उद्देश्य साइकिल के महत्व को महत्व को समझाना और इसके स्वास्थ्य और पर्यावरण को होने वाले फायदों को लेकर जागरूक करना है. साइकिल चलाने से सेहत को कई फायदे मिलते हैं. इसे नियमित तौर पर चलाने से शरीर स्वस्थ और तंदुरुस्त रहता है. यह लोगों में स्फूर्ति का संचार करता है. यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जागरूकता फैलाने के लिए 2018 में ‘विश्व साइकिल दिवस’ मनाने की शुरुआत की. एसडी पीजी कॉलेज भी विगत कई वर्षों से पर्यावरण को बचाने के प्रयासों में लगा हुआ है जिसमे साइकिल यात्रा ने भी अपनी भूमिका बखूबी अदा की है.  

प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि साइकिल गरीब-अमीर, बच्चे-युवा सबका साथी रहा है. हममें से प्रत्येक व्यक्ति का जुड़ाव कभी न कभी साइकिल से रहा है. साइकिल ने न सिर्फ पर्यावरण को बचाया है बल्कि इसने इंसान को भी सेहतमंद रखा है. उन्होनें सभी युवाओं से यातायात के नियमों का पालन करने का आग्रह किया. उन्होनें कहा कि देश भक्त होने के लिए खून बहाना और बॉर्डर पर जाना जरुरी नहीं है. अच्छे नागरिक की तरह से व्यवहार करना भी देश भक्ति ही है. साइकिल चलाने के फायदों को गिनाते हुए उपायुक्त महोदया ने कहा कि अगर हम हर रोज कुछ देर के लिए भी साइकिल चलाते हैं तो हमें दिल से जुड़ी बीमारियाँ होने का खतरा कम हो जाता है. इससे धड़कन तेज होती है और ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है. साइकिल चलाने से पैरों का व्यायाम हो जाता है और इससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. नियमित रूप से साइकिल चलाकर हम कुछ ही दिनों में अपना वजन कम कर सकते हैं. साइकिल चलाना शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मददगार है. सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल चलाकर भी हम खुद को फिट रख सकते है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने ‘साइकिल चलाओ, रोग भगाओ’, ‘साइकिल चलाओ, पर्यावरण बचाओ’ और ‘साइकिल चलाओ, ट्रैफिक जाम हटाओ’ के नारे एनएसएस कार्यकर्ताओं के मध्य लगाकर उनमें नई उर्जा का संचार किया. उन्होनें कहा कि बचपन में हर व्यक्ति का जुड़ाव साइकिल से रहा है. हर पतली-संकरी गली से यह सिर्फ साइकिल ही थी जो निकल पाती थी. इसी के कारण हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहता था. आज-कल के युवाओ को तो कुछ मीटर की दूरी के लिए भी बाइक या कार चाहिए. इसी ने पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य का सत्यानाश किया है. उन्होनें सभी विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए उनसे प्रण लिया कि वे कम से कम सप्ताह में एक या दो दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार साइकिल का प्रयोग करेंगे. रोग मुक्त, स्वस्थ्य और ऊर्जापूर्ण भारत का विकल्प साइकिल ही है. साइकिल ही आज की सभी समस्याओं का समाधान है. जीवन में शान्ति, धैर्य और प्रसन्नता का भाव साइकिल चलाने से आता है. वक्त आ गया है कि अब हम साइकिल चलाने के विचार को समाज के हर वर्ग तक संप्रेषित करे. रोजाना साइकिल चलाने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है तथा इससे रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है. नियमित रूप से साइकिल चलाने वालों को अवसाद की शिकायत होने की शिकायत कभी नहीं होती है. सेहत के निर्माण, पर्यावरण के बचाव और पैसों की बचत के लिए साइकिल के इस्तेमाल का कोई विकल्प नहीं   

डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि कॉलेज की एनएसएस इकाइयों का यह प्रयास अत्यधिक सराहनीय है. स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बल देते हुए उन्होनें कहा कि यदि देश स्वस्थ होगा तब ही वह महान बनने की तरफ बढेगा. जिस देश में अच्छे स्वास्थ्य का वास होता है वहीँ पर मानसिक एकजुटता रहती है. उन्होनें भरोसा जताया कि आज के युवा ही देश को संजोने, संवारने और निखारने का कार्य बखूबी कर सकते है क्यूंकि इनमे असीमित उर्जा का निवास है. देश का भविष्य आज की युवा पीढ़ी में सुरक्षित है बस जरुरत है इन्हें सही मार्ग-दर्शन और लक्ष्य निर्धारण करने की. 

डॉ एसके वर्मा ने कहा कि कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं ने इस साइकिल रैली के साथ कितनी सकारात्मक उर्जा समाज में संचारित की है इसका अनुमान लगाना भी कठिन है. युवाओं की इस साहसिक और रचनात्मक पहल को हम सभी का सलाम है और समाज के हर वर्ग को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए. सभी युवाओं तक इस सन्देश को पहुँचाना कि वे अपने जीवन का हर कदम और निर्णय राष्ट्रहित और पर्यावरण हित में उठाये ही इस साइकिल यात्रा का भाव है. कार्यक्रम रैली के कॉलेज पहुँचने पर राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ तथा इसके अंत में रैली में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओ को जल-पान करवाया गया. इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ राकेश गर्ग, प्रो पवन कुमार और दीपक मित्तल मौजूद रहे.

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