डेयरी फार्मिंग महिलाओं के लिए लाभ का व्यवसाय: नगराधीश.
3 दिवसीय डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर में कृषि वैज्ञानिकों ने बताये व्यवसाय के जरूरी नुक्ते
प्रशिक्षण शिविर में 90 महिला किसानों ने की शिरक्त।
BOL PANIPAT , 2 मार्च। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के ऊझा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में 3 दिवसीय डेयरी फार्मिंग पर व्यवसायिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए नगराधीश राजेश कुमार सोनी ने कहा कि डेयरी फार्मिंग अनुसूचित जाति वर्ग की महिलां किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय है। इसके लिए जरूरी है कि हम अच्छी नस्ल की गाय, भैंस, खरीद कर इस व्यवसाय से जुड़े।
नगराधीश ने कहा कि महिला पशुपालक पशुओं के दैनिक संतुलित आहार का ध्यान रखें। पशुओं का टीकाकरण समय पर कराए। पशुओं के बीमार होने की स्थिति में चिकित्सालय में उनका इलाज शुरू कराएं।
प्रशिक्षण शिविर में केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ.राजबीर ने कहा कि डेयरी प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एससीएसपी प्लान के तहत अनुसूचित जाति की महिला किसानों को डेयरी फार्मिंग में आत्म निर्भर व सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि आज समय की जरूरत है कि हम स्वयं सहायता समूह बनाकर समूह के माध्यम से डेयरी फार्मिंग व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ कुलदीप डुडी ने महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि वे कृत्रिम गर्भधान द्वारा अपने पशुओं की नस्ल में सुधार कर सकती है। वे उनसे अधिक से अधिक अच्छी गुणवत्ता वाला दूध ले सकती हैं। इस मौके पर डॉ. मोहित सहल, डॉ.राजेश,डॉ. सुनील, डॉ.सतपाल आदि ने भी शिविर में महिला किसानों के साथ अपने विचार साझा किए।

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