आवारा पशुओं के हमलों के मामलों में एक मजबूत सुरक्षा कवच है दयालु-2 योजना : उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-योजना के तहत सरकार दे रही लाखों की वित्तीय मदद. आवारा पशुओं के हमले पर सरकार का सहारा. कम आय वाले परिवारों को बड़ी राहत
BOL PANIPAT , 22 मार्च। आवारा पशुओं के हमलों से होने वाली मौत या स्थाई विकलांगता के मामलों में अब पीड़ित परिवारों को आर्थिक संकट का सामना अकेले नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार की दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत पात्र परिवारों को लाखों रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए बनाई गई है जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रूपए से कम है। योजना का संचालन हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के माध्यम से किया जा रहा है और इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहारा देना है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि “सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी गरीब परिवार को आकस्मिक दुर्घटनाओं के कारण आर्थिक रूप से टूटने न दिया जाए। दयालु-2 योजना इसी सोच का परिणाम है, जो पीड़ितों को तुरंत राहत पहुंचाने का काम कर रही है। आवारा पशुओं के हमलों के मामलों में यह योजना एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रही है।”
उपायुक्त ने बताया कि सहायता राशि आयु वर्ग के अनुसार निर्धारित की गई है, जिससे हर वर्ग के पीड़ितों को न्यायसंगत मदद मिल सके। 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष तक दो लाख रुपए, 18 से 25 वर्ष तक तीन लाख रुपए, 25 से 40 वर्ष तक पांच लाख रुपए और 40 से 60 वर्ष तक तीन लाख रुपए की सहायता का प्रावधान है।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता शर्तों का ध्यान रखना आवश्यक है। आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र (PPP) होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि “हर पात्र परिवार तक इस योजना का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। लोग जागरूक बनें और जरूरत पड़ने पर तुरंत आवेदन करें, ताकि समय पर सहायता मिल सके।”

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