पानी व छाछ को छोडक़र अन्य खाद्य सामग्री के वितरण को चुनावी खर्च में किया जाएगा दर्ज : जिला निर्वाचन अधिकारी
BOL PANIPAT, 16 सितंबर। जिला निर्वाचन अधिकरी डाक्टर वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश है कि चुनावी जनसभा के दौरान उम्मीदवार केवल छाछ व पानी ही लोगों के बीच वितरित कर सकता है। जिस पर आने वाले खर्च को उसके चुनावी खर्च में नहीं जोड़ा जायेगा । लेकिन इसके अलावा कोई अन्य चीज वितरित की जाती है तो उसे संबंधित उम्मीदवार के खर्च में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही उम्मीदवार ने स्वयं सामूहिक भोज का आयोजन ना किया हो, लेकिन वह किसी अन्य द्वारा आयोजित सामूहिक भोज या इस तरह के अन्य कार्यक्रम में अपने समर्थकों सहित जाकर अपने पक्ष में वोट मांगता है तो उसका खर्चा भी संबंधित उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी करने के उपरांत अगर कोई स्टार प्रचारक किसी उम्मीदवार या उसका एजेंट स्टार प्रचारक के साथ यात्रा करके पहुंचता है तो यात्रा का 50 प्रतिशत खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जुड़ेगा। अगर स्टार प्रचारक के साथ दो अथवा तीन उम्मीदवार यात्रा करते है तो उन उम्मीदवारों के बीच आधे खर्च को विभाजित कर दिया जाएगा। स्टार प्रचारक के यात्रा खर्च को उसी सूरत में अलग रखा जाएगा जब वह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करेगा। अगर दो दलों के बीच चुनावी समझौता है और एक दल का स्टार प्रचारक दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में जाकर प्रचार करता है तो उसकी यात्रा का सारा खर्च संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ दिया जाएगा। अगर निरीक्षण के दौरान उम्मीदवार के खर्च रजिस्टर में कोई कमी पाई जाती है तो उसे उम्मीदवार के खर्च रजिस्टर व शैडो एक्सपेंडिचर रजिस्टर में दर्ज करना होगा और उम्मीदवार के हस्ताक्षर करवाने होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि खर्चे संबंधी कमियों के चलते संबंधित उम्मीदवार को 48 घंटे का नोटिस जारी किया जाएगा और उक्त उम्मीदवार नोटिस का जवाब नहीं देता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-171-1 के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है। खर्चे के रखरखाव का तरीका गलत पाया गया तो इस स्थिति में भी उम्मीदवार को अयोग्य घोषित करने का प्रावधान है। पैसे, गिफ्ट, शराब या कोई अन्य चीज बांटी जाती है तो इसे अवैध माना जाता है। ऐसे सभी खर्चों का आंकलन करके संबंधित उम्मीदवार के न केवल खाते में जोड़ा जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। किसी ऐसी वस्तु को देना, जिससे मतदाता प्रभावित हो उसे रिश्वत की श्रेणी में माना जाएगा और इसमें मुकदमा दर्ज किए जाने का प्रावधान है।

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