यदि देश भारत को साधन सम्पन्न विकसित राष्ट्र बनाना है तो समाज के हर अमीर गरीब बच्चें को आधुनिक शिक्षा दिलवानी होगी ताकि सभी पढ़ें और आगे बढ़ें : दानवीर विजय जैन
BOL PANIPAT : 01 मार्च : आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में प्रदेश स्तरीय ऋषि बोध दिवस समारोह एवं आचार्य बलदेव पुस्तक कोष के उदघाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि करनाल लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय भाटिया रहे। विशिष्ट अतिथि पानीपत के उपायुक्त सुशील सारवान रहे। विशेष आमन्त्रित अतिथि नगर निगम के पार्षद विजय जैन , स्कूल के प्रधान मा0 दलीप सिंह आर्य व प्रबन्धक रामपाल सिहं रहे। समारोह की अध्यक्षता हरयाणा आर्य प्रतिनिधि सभा रोहतक के प्रधान मा0 रामपाल आर्य ने की। प्राचार्य मनीष घनगस ने सभी का स्वागत किया।
कोषाध्यक्ष अशोक आर्य ने समारोह को उपप्रधान ओमदत्त आर्य ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वेदमन्त्रों के साथ हुआ और शान्ति पाठ के साथ ही समारोह समपन्न हो गया। मंच संचालन संगीत अध्यापक प्रमोद चोपड़ा ने किया।
सांसद संजय भाटिया ने विद्यालय को 11 लाख रूपये की राशि व 10 आधुनिक कम्प्युटर देने व शेष कार्य डी प्लान से पूर्ण करवाने की घोषणा की। सांसद संजय भाटिया ने कहा कि मुझे आर्य समाज व शिक्षक का पुत्र होने पर गर्व है। मैं शिक्षा के महत्व को पूरी तरह समझता हूॅ। आर्य समाज से मेरा बचपन से ही जुड़ाव रहा है और मेरा प्रिय विषय भी संस्कृत ही रहा है। मैं छात्र जीवनकाल से ही आर्य वीर दल का कार्यकर्ता रहकर अंधविश्वास व अज्ञानता के विरुद्ध समाज को
जागरूक करता रहा हू। उन्होने कहा कि स्वामी दयानन्द ने आर्य समाज के माध्यम से सन 1947 से बहुत पहले ही आजादी की नीवं रख दी थी। वे राजनीतिक आजादी ही नहीं, सामाजिक आजादी के भी पक्षधर रहे। समाज सुधार मे स्वामी दयानन्द द्वारा दिया गया सहयोग यह देश हमेशा याद रखेगा। भारत से अंधविश्वास और अज्ञानता को मिटाने के लिए स्वामी दयानन्द के सिद्धान्तों की
प्रासंगिकता आज भी बरकरार है। विश्व मानव का कल्याण और सर्वजन का उत्थान आर्य समाज का मुख्य उद्धेश्य है। उन्होने कहा कि आचार्य बलदेव ने स्वामी दयानन्द व स्वामी श्रद्धानन्द के बताए मार्ग पर चलते हुए विश्व स्तर पर आर्य समाज का नाम रोशन किया है। आज आचार्य बलदेव पुस्तक कोष की स्थापना करके आर्य प्रतिनिधि सभा ने एक सराहनीय कार्य किया है। इस पुस्तकालय के माध्यम से गरीब परिवारों के होनहार छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने में विशेष सहयोग मिलेगा। उन्होने कहा कि इस विद्यालय को जिले का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनाने में वे भविष्य में भी सहयोग देते रहेगे। विशिष्ट अतिथि उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि उनका जन्म एक आर्य समाजी परिवार में हुआ है, और उनकी शिक्षा भी डी ए वी शिक्षण संस्थाओं में पूरी हुई और आज वे जो कुछ भी हैं वैदिक शिक्षा के कारण ही हैं। इसलिए उन्होने अपने बच्चों को भी डी ए वी में प्रवेश दिलवाया है और वे हमेशा समाज का भी आह्वान करते हैं कि वे अपने बच्चों को ज्ञान, विज्ञान के साथ साथ वैदिक शिक्षा भी दें ताकि इस देश को एक शिक्षित व विकसित राष्ट्र बनाकर पुनः जगतगुरू होने का दर्जा हासिल हो सके।
विशेष अतिथि नगर निगम के काउंसलर व दानवीर विजय जैन ने कहा कि शिक्षा के बिना कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकता। यदि देश भारत को साधन सम्पन्न विकसित राष्ट्र बनाना है तो समाज के हर अमीर गरीब बच्चें को आधुनिक शिक्षा दिलवानी होगी ताकि सभी पढ़ें और आगे बढ़ें । और यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब साधन सम्पन्न व्यक्ति आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जैसी संस्थाओं का और अधिक आर्थिक सहयोग करेंगे। उन्होने शिक्षक वर्ग का आह्वान किया कि उनके संज्ञान में गरीब परिवारों के जितने भी प्रतिभाशाली छात्र होगें, उन्हे वे स्नातक तक की शिक्षा पूरी करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगें।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा के प्रधान मा0 रामपाल आर्य ने कहा कि उन्होने बचपन में ही आर्य समाज को ग्रहण कर लिया था और सेवानिवृति के बाद अपना सारा जीवन आर्य समाज को देने का निर्णय किया। इसलिए अब वे स्वामी विरजानन्द, स्वामी दयानन्द, स्वामी श्रद्धानन्द और आचार्य बलदेव के विचारों को जन जन तक पहुचाने का कार्य करेगे। स्कूल के प्रधान मा0 दलीप सिंह आर्य व प्राचार्य मनीष घनगस ने सभी अतिथियों को आश्वासन दिया कि वे समाज के हर अमीर गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने में और अधिक सहयोग देगें।

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