जानलेवा हमला करने वाला पांचवा आरोपी पुलिस की गिरफ्त मे
BOL PANIPAT : 4 नवम्बर। पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण आईपीएस के नेतृत्व में सीआईए टू पुलिस ने मुकदमा हजा में पीड़ित शोएब व उसके भाई को चोट मारने वाला पाँचवाँ आरोपी को किया गिरफ़्तार। आरोपी की पहचान हरीश उर्फ सुखा पुत्र रसीव अली निवासी मनमोहन नगर पानीपत के रूप में हुई. वारदात में पहले 4 आरोपियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है,जो आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करके रिमांड हासिल किया, रिमाड अवधि के दौरान वारदात मे प्रयोग की गई गण्डासी को बरामद किया गया. आरोपी को माननीय अदालत मे पेश करके जेल भेजा.
शोएब पुत्र मुजम्मिल निवासी हाली कॉलोनी पानीपत का रहने वाला हू और कानून की पालना करने वाला हू दिनांक 05/10/2026 को समय करीब शाम 5:30 बजे मैं अपने दोस्त लक्की को उसके घर छोडने मनमोहन नगर बबैल रोड पानीपत गया हुआ था जो कि उस दौरान सुक्खा गुज्जर, मुसाहिद पुत्र नाम नामालूम, शोएब पुत्र नाम नामालूम, शाहरूख पुत्र नाम नामालूम, अफसार पुत्र नाम नामालूम, अफसार के दो अन्य भाई, अकबर पुत्र समीम, फैजान पुत्र नसीम, समीर उर्फ पूच्चू पुत्र नाम नामालूम सभी निवासीगण मनमोहन नगर, बबैल रोड, पानीपत व अन्य 10-12 व्यक्ति अपने हाथो में हथियार लिए हुए थे और मेरे भाई फरमान को जान से मारने की नीयत से उसके साथ मारपीट कर रहे थे जो कि उस समय मुसाहिद अपने हाथ में कुल्हाडी, सुक्खा अपने हाथ में गण्डासी, शाहरूख के हाथ में तलवार, शोएब के हाथ में गण्डासी व अन्य दोषीगण अपने हाथ में लाठी-डण्डे व अन्य तेजधार हथियार लिए हुए थे। मेरा भाई फरमान दोषीगण द्वारा मारी गई जानलेवा चोटो के कारण लहू-लुहान जमीन पर गिरा हुआ था और दोषीगण उसे जान से मारने की नीयत से लगातार उस पर वार किए जा रहे थे जब मैंने दोषीगण से अपने भाई फरमान का बचाव करने की कोशिश की तो दोषीगण ने मेरे साथ भी गाली-गलौच व मारपीट शुरू कर दी और लाठी-डण्डो से मुझे बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया और जान से मारने की धमकिया देने लगे। मौका से किसी ने डायल 112 पुलिस को फोन किया। जिससे कुछ ही समय में मौका पर डायल 112 पुलिस आ गई और डायल 112 पुलिस को देखकर दोषीगण भविष्य में उचित मौका मिलने पर मुझे व मेरे भाई फरमान को जान से मारने की धमकिया देते हुए अपने हथियारों सहित मौका से फरार हो गए। उसके बाद डायल 112 पुलिस मेरे भाई फरमान को सिविल हस्पताल पानीपत लेकर पहुचे और मैं अपनी मोटरसाईकिल पर सिविल हस्पताल पानीपत पहुचा। जहाँ पर सम्बन्धित डॉक्टरो द्वारा मेरे प्राथमिक चिकित्सा देकर घर भेज दिया, जबकि मेरे भाई फरमान को गम्भीर जानलेवा चोटे होने के कारण पी.जी. आई खानपुर रैफर कर दिया, लेकिन मेरे भाई फरमान की जान बचाने के लिए हम उसे फौरन प्रेम हस्पताल, पानीपत ले गए। दोषीगण द्वारा आपस में साजबाज होकर मेरे भाई फरमान को तेजधार हथियारो से मारी गई जानलेवा चोटो में मुख्य चोटे मेरे भाई के सिर, मुँह, कमर, पेट पर गहरे घाव है और उसके सीधे पैर में फैक्चर हैं। दोषीगण द्वारा मारी गई जानलेवा चोटो के कारण मेरा भाई फरमान अभी बोलने की हालत में नहीं हैं और उसकी हालत अभी भी गम्भीर बनी हुई हैं। मुझे व मेरे भाई फरमान को अभी भी दोषीगण से अपनी जान का खतरा बना हुआ है। थाना किला में अभियोग अंकित किया गया था।

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