खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता: निगम आयुक्त डॉ. पंकज
जिला स्तरीय बैठक में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती के निर्देश
बीमारियों की रोकथाम के लिए सैंपलिंग तेज करने के निर्देश
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, किसानों को जागरूक करने के निर्देश
मिड डे मील की गुणवत्ता जांचने के आदेश, जब भी फील्ड में जाएं अधिकारी तो मिड डे मील की करें जांच।
विभागों को समन्वय बढ़ाने की हिदायत
BOL PANIPAT , 30 मार्च। जिला स्तरीय फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशंस (एफएसओ) की एडवाइजरी कमेटी की बैठक का सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त एवं निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा कृषि से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त डॉ .पंकज ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा, ताकि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। विशेष रूप से मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कृषि क्षेत्र में भी हमें बदलाव लाना होगा और रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग को कम कर प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती की ओर बढऩा समय की मांग है। इसके लिए किसानों को जागरूक करना और उन्हें प्रेरित करना बेहद जरूरी है। साथ ही, जहां-जहां बीमारियों का खतरा है, वहां समय रहते सैंपलिंग और जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या को रोका जा सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में सभी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ.पंकज यादव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक प्रयास से ही सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें।
कृषि विभाग को निर्देश देते हुए डॉ. पंकज यादव ने कहा कि जिले में उपयोग किए जा रहे फर्टिलाइजर का पूरा ब्यौरा रखा जाए और इसके अनियंत्रित उपयोग पर रोक लगाई जाए। उन्होंने किसानों को कम से कम रासायनिक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को ऑर्गेनिक खेती के फायदे समझाकर उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाए, ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निगम आयुक्त ने मिड डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा को स्पष्ट रूप से कहा कि स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे भोजन की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को भी महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा अधिक है, वहां नियमित रूप से सैंपलिंग की जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय मलिक को निर्देश दिए कि संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएं और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर सीएमओ विजय मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, फूड सेफ्टी अधिकारी वीरेंद्र यादव, खाद्य आपूर्ति विभाग की अधीक्षक निर्मला, कृषि विभाग के एसडीओ राधेश्याम गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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