मेरा पानी-मेरी विरासत (एमपीएमवी) के तहत किसानों को 7000/- प्रति एकड का अनुदान
BOL PANIPAT : 15 मई। जल सरक्षण सहित भूमिगत जल स्तर को सुधारने की दिशा में हरियाणा सरकार द्वारा अहम कदम उठाते हुये धान की फसल नहीं लगाने वाले किसानों को सात हजार रूपये प्रति एकड दिया जा रहा है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत दिये जाने वाले अनुदान का लाभ लेने के लिए संबंधित किसान को पोर्टल फसलडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पर पंजीकरण करवाना होगा।
कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक वजीर सिंह ने किसानो से आवहान किया कि जिन किसानो के पास खेती के लिए पानी पर्याप्त नही है, उन किसानो को धान की फसल से हटकर मक्की, कपास, खरीफ दाले (अरहर, मूंग, मोठ, उडद, ग्वार, सोयाबीन) तिलहन फसले (तिल, मूंगफली, अरंडी आदि) या बागवानी की फसल की खेती करनी चाहिए। व चारा आदि कि फसले लगानी चाहिए, ताकि वो ज्यादा से ज्यादा मुनाफा ले सकें। सरकार अनुदान सीधे उनके खाते में देगी। जिसके लिए अब पोर्टल पर पंजीकरण शुरू हो चुका है व पहले आओ पहले पाओ कि नीति पर आधरित है जिन किसानो ने पिछले साल खरीफ (2022-23) सीजन में धान लगाया था ओर इस वर्ष खरीफ सीजन में अगर वे अपने खेत को खाली रखते है या अन्य फसले लगाते है तो भी उसको अनुदान दिया जाएगा। तो भी उनको उक्त स्कीम का लाभ दिया जाएगा। जिसके लिए किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के लिए सरकार ने विभागीय कमेटी बनाई है, जो की किसान के खेत पर जाकर फसल का निरीक्षण करेगी।
डा0 वजीर सिहँ, ने बताया कि इस वर्ष 2023-24 (खरीफ) में जिला-पानीपत के लिए इस स्कीम के अन्र्तगत मक्की-280 एकड, कपास-55 एकड, खरीफ दलहन- 380 एकड, चारा-1850 एकड, व खरीफ तिलहन- 25 एकड, वानीकी कृषि- 60 एकड, सब्जीया तथा बाग- 1550 एकड के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

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